झारखण्ड : भीड़तंत्र जैसे राजनीतिक प्रोपोगेंडे के आगे एक सीएम का मानवता जिन्दा रखने की जिद्द

झारखण्ड : भीड़तंत्र जैसे राजनीतिक प्रोपोगेंडे के बीच दिवंगत रुपेश पांडे मामले को मुख्यमंत्री द्वारा निष्पक्ष खुबसूरत मोड़ देने का प्रयास जनता के दिलों को छु सकता है. सरकार ने मामले में आम मूल दर्द समझते हुए उसी दृष्टिकोण सुलझाने का प्रयास किया है. रुपेश पांडे की माँ उर्मिला देवी को नियुक्ति पत्र व 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिली. 

राँची : झारखण्ड राज्य में हेमन्त सरकार सभी वर्गों की सामाजिक, आर्थिक, पारंपरिक, न्यायिक समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुलझाने की पक्षधर दिखी है. ज्ञात हो, रुपेश पांडे हत्याकांड मामले में सरकार का 5 सदस्यीय डेलिगेशन टीम का दौरा नईतांड, बरही हुआ था. टीम दिवंगत के परिजनों से 14 फरवरी 2022 को मिला था. सरकार द्वारा कहा गया था कि सरकार उनके साथ खड़ी है और दोषियों को कठोर सजा दिलाएगी. हालांकि, मौजूद तथ्यों के अनुसार भाजपा द्वारा मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास हुआ. लेकिन, हेमन्त सत्ता ने देश को भीड़तंत्र जैसे राजनीतिक प्रोपोगेंडे के बीच भी मानवता को ज़िन्दा रखने की इच्छाशक्ति दिखाया है.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में हेमन्त सरकार ने बुद्धिमत्ता व नेक नियत से मामले को संभालने में सफल हुई और राज्य को जलने से भी बचाया. मामले को मुख्यमंत्री द्वारा निष्पक्ष खुबसूरत मोड़ दिया जाना जनता के दिलों को छुआ है. तमाम परिस्थितियों के बीच सरकार ने बिना हड़बड़ी दिखाए मामले को एक आम मूल दर्द के दृष्टिकोण से समझी. और उसी दृष्टिकोण से सुलझाने का प्रयास किया है. और इस सफलता ने राज्य में सभी वर्गों के जनता के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत किया कि सरकार लॉ-आर्डर को गंभीरता लेती है और मानवीय दृष्टिकोण से कार्यपालिका व सामाजिक मूल्यों में समन्वयता बिठाते हुए शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मंशा रखती है. 

मामले में सरकार के विधायक -नेता-कार्यकर्ताओं ने मजबूत सिपाही का किरदार निभा झारखण्ड के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत आधार दिया है 

ज्ञात हो, पूरे प्रकरण में मंत्री – बादल पत्रलेख, सत्यानंद भोक्ता , मिथिलेश ठाकुर, गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार, विधायक अंबा प्रसाद व विधायक उमाशंकर अकेला समेत सरकार के तमाम विधायक-नेता-कार्यकर्ताओं ने सड़क से सदन तक मजबूत सिपाही का किरदार निभाते हुए झारखण्ड के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत आधार दिया है. और सरकार न्याय देने की दिशा में प्रयासरत है. ज्ञात हो रुपेश पांडे के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जताई थी. मुख्यमंत्री सत्र के आपा-धापी के बीच भी रुपेश पांडे के माता-पिता, चाचा, मामा व अन्य परिजन से 28 फरवरी 2022 को मिले थे और उन्हें न्याय देने का भरोसा दिया.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा परिजन को आश्वासन दिया गया था कि मामले की जांच उपयुक्त एजेंसी से होगी. मृतक रुपेश पांडे की माँ के लिए एक स्थाई जीवन-यापन का साधन प्रबंध करने के लिए हज़ारीबाग़ डीसी को निर्देशित किया गया था. साथ ही उपयुक्त मुआवजा व अन्य प्रकार की मदद देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही थी. मुख्यमंत्री द्वारा आज 7 अप्रैल 2022 को फिर एक बार माननीय सभी वर्गों के बीच मानवता की मिशाल पेश की गई. उन्होंने दिवंगत रूपेश पांडेय (नईटांड़, बरही, हज़ारीबाग़) की मां उर्मिला देवी को नियुक्ति पत्र और पाँच लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान किया है. साथ ही जल्द न्याय का भरोसा दिया है.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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