गृहमंत्री-सीएम सोरेन की मुलाकात से भानुप्रताप साही जैसे झारखण्ड भाजपा नेताओं को खीज क्यों?

झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात झारखण्ड के भाजपा नेताओं को क्यों नहीं पच रहा? क्यों उनकी भावना खीज व जलन के रूप में बाहर आ रहा है?

रांची : देश की राजधानी नई दिल्ली में झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को सरकार द्वारा शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है. राजनीतिक पंडित व मीडिया जगत द्वारा अलग-अलग विश्लेषण हो रहा है. लेकिन इसी बीच झारखण्ड के भाजपा नेताओं की खीज व जलन साफ़ तौर पर कई संकेत देते हैं. 

पहला संकेत – क्या मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा झारखण्ड राज्य के ज्वलंत जन मुद्दों को गृहमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जिससे झारखण्ड के भाजपा नेता दूर खड़े दिखते हैं. और वह इसकी स्पष्ट तस्वीर केंद्र के समक्ष रखना नहीं चाहते, जैसे स्थिति को स्पष्ट किया गया है.

दूसरा संकेत – क्या मुख्यमंत्री द्वारा वर्षों से लंबित ‘सरना आदिवासी धर्म कोड’ के पारित करने हेतु इशारा दे दिया गया है.

तीसरा संकेत – क्या मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा पूर्व रघुवर शासन में हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध हो रहे जांच जानकारी दी गई है. और भानुप्रताप साही जैसे भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं पर जांच को आगे बढ़ाने की गुज़ारिश की गई है.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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