सीएम हेमन्त से पार पाना बीजेपी की बस की नहीं, 2-3 बार ऑपरेशन लोटस हुआ है फेल

झारखण्ड : सीएम हेमन्त से बार-बार हार रहा है बीजेपी का ऑरेशन लोटस। 2-3 बार ऑपरेशन लोटस पहले भी हुआ है फेल। 4 बार उपचुनाव में हार दर्शाता है कि जनता के बीच भी भाजपा हो चुकी है फ़ेल।

झारखण्ड में भाजपा से हॉर्सट्रेडिंग का नाता कोई नई बात नहीं है. अब यह ऑपरेशन लोटस के नाम से देश मे प्रिसिद्ध है. लेकिन तमाम परिस्थितियों के बीच मजेदार पहलू यह है कि भाजपा के ऑपरेशन लोटस रणनीति को झारखण्ड मे मुख्यमंत्री हेमन्त हेमन्त सोरेन से लगातार मुंह की खानी पड़ रही है. स्पष्ट शब्दों मे कहा जा सकता है कि भाजपा के हर आलोकतांत्रिक प्लान को मुख्यमंत्री हेमन्त ने अपनी चतुराई से विफल कर रहे है.

झारखण्ड की भाजपा द्वारा हेमन्त सरकार को गिराने की साजिश ऑपरेशन लोटस के तहत कई महीनों से चलाया जा रहा है. दुमका-मधुपुर उपचुनाव के वक़्त, इसके दम पर भाजपा के शीर्ष नेताओं ने 10 मई के बाद ही चुनी सत्ता का तख्तापलट करने का ऐलान किया था. लेकिन, मुख्यमंत्री ने ईमानदारी से, लोक पथ पर चलते हुए न केवल उन दोनों उपचुनाव को बल्कि बाद के भी दो और उपचुनाव मे जनता का विश्वासमत हासिल किया. नतीजतन, भाजपा की सरकार गिराने की सभी कवायद ज़मीन पर औंधे मुंह गिरी.

कांग्रेस के 3 विधायक को ग्रामीण हावड़ा पुलिस ने करोड़ों रुपयों कैस के साथ रंगे हाथों पकड़ा

ज्ञात हो, सुनियोजित ईडी कार्रवाई बीच शनिवार को झारखण्ड से कांग्रेस के तीन विधायक – इरफान अंसारी (जामताड़ा), नमन विक्सल कोनगाड़ी (कोलेबिरा) और राजेश कच्छप (खीजरी) को ग्रामीण हावड़ा पुलिस ने बंगाल में करोड़ों रुपयों कैस के साथ रंगे हाथों पकड़ा है. सूत्रों की मानें तो यह बीजेपी के ऑपरेशन लोटस का ही हिस्सा था. मगर आखिरी वक्त पर सारी रणनीति एक बार फिर विफल हो गई. पूछताछ के दौरान तीनों विधायक कोई असपष्ट उत्तर नहीं दे पाये. तीनों विधायकों को कॉंग्रेस ने सस्पैंड कर दिया है. जानकार इसे मामले को भाजपा के विधायक खरीद-फरोख्त रणनीति से जोड़ कर देख रहे हैं.

कॉंग्रेस के बेरमों विधायक अनूप सिंह का प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के साथ अरगोड़ा थाने दर्ज कराये गए ज़ीरो एफ़आईआर के अनुसार – अपनुप सिंह को इरफान अंसारी समेत अन्य दोनों विधायक का फोन आया था. जिसमे उन्होने अनूप सिंह से कहा था कि वह हेमन्त सोरेन की सरकार को गिरा दें और बीजेपी मे शामिल हो जाएं. इस संबंध मे असम के मुख्यमंत्री हेमन्त विश्वशर्मा से उनकी पूरी बात हो गई है. टोकन मनी लेकर सभी को गवाहटी के लिए रवाना होना है. उनकी मंत्रालय भी तय हो चुकी है. पूरे ऑपरेशन की देख रेख बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा हो रही थी. मसलन, महाराष्ट्र के तर्ज पर हेमन्त सरकार को गिराने की तैयारी थी.

राजनीतिक गलियारे की चर्चा मे ऑपरेशन लोटस के पर्दाफ़ाश का मुख्य कारण भाजपा की आपसी कलह माना जा रहा है. स्थिति यह हो चली है झारखण्ड के भाजपा नेता एक दूसरे का नाम ले मामले में अपनी दूरी बनाती दिख रहे हैं. जो स्पष्ट रूप से झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के आधिकारिक बयान कि उसके संपर्क मे 16 भाजपा विधायक है, की सत्यता की पुष्टि कर रहा है.

कांग्रेस से गद्दारी बर्दाश्त नहीं कर सकता फुरकान

इस बीच विधायक इरफान अंसारी के पिता पूर्व सांसद फुरकान अंसारी शनिवार की देर शाम रांची पहुंचे और उन्होंने अपने बयान मे कहा कहा कि यहां आने के बाद उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली. फुरकान ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकार को गिराने के लिए साजिश के तहत यह कार्रवाई की है. अगर इरफान ने कांग्रेस से गद्दारी की तो मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता, मैं उससे बात नहीं करूंगा.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

अपनी राय व्यक्त करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *