37 ट्रांसफार्मर अवैध रूप से निजी परिसर में रघुवर काल से रखा पाया गया – मामले में भाजपा विधायक रणधीर सिंह का नाम आया है सामने 

37 ट्रांसफार्मर 6-7 वर्ष पूर्व अवैध रूप से बंद स्टोन क्रेशर परिसर में रखा पाया गया था. भाजपा विधायक रणधीर सिंह ने पावर का दुरुपयोग कर अपने पक्ष में रिपोर्ट बनाकर पदाधिकारियों से करवाए हस्ताक्षर. अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर के कार्रवाई के बाद ही जब्ती प्रक्रिया हो सकी पूरी.  

देवघर : विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, मधुपुर के द्वारा दर्ज कराये गए प्राथमिकी से भाजपा नेताओ के आइडियोलॉजी के साजिश का पर्दाफास हुआ है. ज्ञात हो, दिनांक 09/06/2022 को एक गठित छापामारी दल, जिसमे विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल, सारठ, कनीय विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रशाखा सारठ एवं कनीय विद्युत अभियंता, पालोजोरी शामिल थे, द्वारा अशोक राम के शहरजोरी स्थित बंद स्टोन क्रेशर परिसर में निरीक्षण किया गया.

निरीक्षण में वहां 16KUA एवं 25 KVA के कुल 37 डिफेक्टिव डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर  अवैध रूप से रखा पाया गया. छानबीन में पता चला कि सभी ट्रांसफार्मर 6-7 वर्ष पूर्व, रघुवर शासन के दौर से ही रखे हुये हैं. उक्त सभी ट्रांसफार्मर को जेबीवीएनएल (JBVNL) के केन्द्रीय भंडार देवघर में जमा होना था, जिसे निजी परिसर में रखा गया. इतनी ज्यादा संख्या में डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर यहाँ कैसे आया, जिससे झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को कुल राशि लगभग ₹7, 17, 194 रूपये की क्षति हुई है, यह जाँच का विषय है.

भाजपा विधायक रणधीर सिंह द्वारा पावर का दुरूपयोग कर निरक्षण कार्य में पहुंचाया गया बाधा. जबरन अपने पक्ष में बनवाया रिपोर्ट 

लेकिन, पूरे निरीक्षण कार्य के दौरान भाजपा सारठ विधायक रणधीर सिंह का उक्त परिसर में उपस्थित रहे. बतौर विधायक उनका वहां उपस्थित होना समझा जा सकता है. लेकिन, विधायक पावर का दुरुपयोग कर उनके द्वारा अपने पक्ष में रिपोर्ट बनाकर कनीय विद्युत अभियंता, सारठ एवं कनीय विद्युत अभियंता पालोजोरी को अपने प्रभाव में कर के हस्ताक्षर करवाना सवाल खड़े करते हैं. जिसकी सूचना पदाधिकारियों द्वारा उपायुक्त देवघर को दिया गया. जिसके उपरांत उपायुक्त द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर को कार्रवाई में सहयोग करने हेतु घटनास्थल पर भेजे जाने के उपरान्त कार्रवाई पूर्ण हो पायी. और जब्ती सूची तैयार कर जब्त सामग्री केन्द्रीय भंडार, देवघर भेज जा सका.

विद्युत कार्यपालक अभियंता, मधुपुर द्वारा प्राथमिकी में कहा गया है कि सारठ विधायक रणधीर सिंह द्वारा दबाव डालकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने से स्पष्ट होता है कि JBVNL का ट्रांसफोमर निजी परिसर में रखवाने में ये भी शामिल है. और उनके द्वारा प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि उक्त दोनों दोषी रणधीर सिंह, एवं अशोक राम पर Indian electricity Act की धारा 136(1) एवं 1.P. C. की धारा 379 के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई हो.

मसलन ऐसे विषयों की जानकारी भाजपा सांसद महोदय को पहले क्यों नहीं होती है. और पत्र वीर भी चुप्पी क्यों साध लेते है. सच ही कहा गया है माझी जब खुद ही नाव डुबोये तो उसे फिर कौन बचाए.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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