झारखण्ड : सरकारी कर्मियों का कार्य व कार्य प्रणाली होता है समाज का लोकतांत्रिक आईना -सीएम

झारखण्ड : सरकारी कर्मियों का कार्य व कार्य प्रणाली समाज का लोकतांत्रिक आईना होता है. आईने पर जन सवाल होने का फायदा उठा ख़ास आइडियोलॉजी की नीतियां निजीकरण जनता पर थोपती है. जिसमें समाज के सभी ग़रीब वर्गों का अहित सुनिश्चित होता है.  

रांची : झारखण्ड मंत्रालय सभागार में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राज भाषा विभाग द्वारा प्रशासनिक क्षमता के विकास पर संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित हो. और राज्य का मुख्यमंत्री सभा को संबोधित करते हुए कहे – गांव को मजबूत करना हेमन्त सरकार की प्राथमिकता है. तो निश्चित रूप से ग्रामीण में बसने वाले बहुसंख्यक गरीब आबादी के बीच सन्देश जाता है कि राज्य सरकार उसके कल्याण में संकल्पित है और उनकी मंशा है तमाम सरकारी तंत्र व सामाजिक अंग ग्रामीण विकास में आगे बढ़ सकारात्मक भूमिका निभा समाजिक लोकतंत्र को मजबूत करे.   

ज्ञात हो, संगोष्ठी में सीएम का कहना कि गांव मजबूत होगा तभी पंचायत, प्रखंड जिला और राज्य मजबूत होगा. चूँकि पदाधिकारी की भूमिका सामाजिक जड़ों से जुड़े होते हैं. ऐसे में सरकारी योजनाओं के लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी नैतिक व सामाजिक जिम्मेदारी है. अतः पदाधिकारियों का कार्य व कार्य प्रणाली समाज का लोकतांत्रिक आईना होता है. और इस आईने के गंदा होने का हवाला दे कोई ख़ास आइडियोलॉजी के नीतियों द्वारा निजीकरण को देश हित में परिभाषित कर दिया जाता है. जीसमें समाज के तमाम ग़रीब वर्गों का अहित निहित होता है. मसलन, सरकारी कर्मी अपनी जिम्मेदारी निभा अपनी व समाज की सुरक्षा को मजबूत बना सकते हैं. 

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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