झारखण्ड : हर गाँव को मिल रही है हेमन्त सरकार की छाँव 

झारखण्ड : 20 वर्ष मे राज्य के आर्थिक मजबूतीकरण मे किसी भी संरचना पर ठोस कार्य नहीं हुआ. जिसका दंश विशेष तौर पर राज्य के ग्रामीण क्षेत्र भुगतता रहा है. यह पहला मौका है जब हेमन्त सरकार की छाँव निष्पक्ष रूप से सभी गाँवों के मिल रही है.

रांची : झारखण्ड सदियों से खनन लूट का शिकार रहा है. झारखण्ड राज्य गठन के बाद भी सरकारी नीतियों के अक्स तले खनन लूट हेतु यहां जमीन अधिगृहीत होते रहे और विस्थापन समस्या बनती रही. लेकिन 20 वर्ष के इतिहास मे राज्य के आर्थिक मजबूतीकरण मे किसी भी ठोस संरचना पर गंभीरता से कार्य नहीं हुआ. इसका दंश शहरी क्षेत्र के साथ विशेष तौर पर राज्य के ग्रामीण क्षेत्र भुगतते रहे हैं. नतीजतन पलायन, मानव तस्करी, नक्सल जैसे अमानवीय समस्या से राज्य ग्रसित रहा है. और पूर्व की सरकारें बेजूबान गरीब, विशेष कर ग्रामीणों पर अत्याचार कर अपनी पीठ खुद थपठापती रही है. 

ज्ञात हो, झारखण्ड राज्य खनीज संपदा के साथ-साथ वनोत्पाद, सघन जंगल, प्राकृतक सौन्दर्य, कृषि व ऐतिहासिक साक्ष्यों का भी पहचान लिए हुए है. राज्य मे पहला मौका है जब मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में उपरोक्त तमाम आयामों को केंद्र मे रख झारखण्ड की मैपिंग की गई है. जिसका मूल उद्देश्य प्राकृतिक धरोहर को संजोते हुए राज्य मे उद्योग-धंधे, ग्रामीण आर्तव्यवस्था, रोजगार सृजन जैसे आयामों के इन्फ्रस्ट्रक्चर मजबूतीकरण पर गंभीरता से कार्य करना हैं. और फलाफल मे हेमन्त सरकार की छाँव हर गाँव को मिलने लगी है. मुख्यमंत्री हर मंच से कहते भी हैं कि गाँव के मजबूत होने से प्रखण्ड, प्रखण्ड मजबूत होने से जिला और जिले के मजबूती से ही राज्य का चौमुखी विकास संभव है.

हेमन्त सरकार की तमाम योजनाएं-नीतियां राज्य के सभी गाँवों समेत सभी वर्ग के गरीबों की करती है वकालत 

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के शब्द उनके कार्यों-नीतियों की कसौटी पर भी खरे उतर रहे है. सर्वजन पेंशन योजना, फूलो झानो आशीर्वाद योजना, आजीविका संवर्धन हुनर अभियान यानी आशा और पलाश ब्रांड, बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना, पोटो हो खेल विकास योजना, सहाय योजना, मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री युवा सामर्थ्य योजना, मुख्यमंत्री युवा उड़ान योजना, मुख्यमंत्री सारथी योजना, मुख्यमंत्री असाध्य रोग उपचार योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक रोज़गार योजना, मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना… तमाम योजनाएं राज्य के ग्रामों के मजबूतीकरण मे साक्षी बने है. और यह सिलसिला निरंतर जारी भी है. 

यही नहीं हेमन्त सरकार मे धरातल पर उतारी गई खेल नीति, पर्यटन नीति, उद्योगिक नीति, ऊर्जा नीति, शिक्षा नीति जैसी तमाम नीतियां राज्य के सभी गाँव के साथ सभी वर्ग के गरीबों की स्पष्ट वकालत करती है. मसलन, तथ्यों के आदर पर कहा जा सकता है कि हेमन्त सरकार की छाँव निष्पक्ष रूप से झारखण्ड के हर गाँव को मिल रही है. 

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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