झारखण्ड : हेमन्त सरकार का स्पष्ट विजन – कुपोषण मुक्त हो झारखण्ड

झारखण्ड : कुपोषण मुक्ति की दिशा में, फलदार वृक्ष के माध्यम से जनता के हिस्से फल जैसा पौष्टिक आहार को शामिल करने का प्रयास हुआ. इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित करने की दिशा में हेमन्त सरकार बढ़ चली है.

राँची : झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वरा बजट सत्र में हुए कहा गया था कि वह राज्य में  कुपोषण मुक्ति की दिशा में कार्य कर रहे, लेकिन देश में, बढती महंगाई के बीच कितना असरदायक होगा, यह एक चिंतनीय विषय है. ज्ञात हो, कुपोषण मुक्ति की दिशा में राज्य में फलदार वृक्ष लगाए जाने की नीति को धरातल पर उतारा गया है. राज्य के जनता के हिस्से फल जैसा पौष्टिक आहार को शामिल करने का प्रयास हुआ है. इस कड़ी को आगे बढाते हुए आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित करने की दिशा में हेमन्त सरकार बढ़ चली है.

ज्ञात हो, साहिबगंज में संतालवासियों को सरकार द्वारा अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की बड़ी सौगात दी गयी है. मुख्यमंत्री द्वारा दुग्ध उत्पादकों के सम्मान राशि के तौर पर 10 करोड़ रूपए का चेक झारखण्ड मिल्क फेडरेशन को सौंपा गया. मुख्यमंत्री का इस सम्बन्ध में कहना है कि इस डेयरी प्लांट के चालू होने से राज्य के किसान- पशुपालकों-दुग्ध उत्पादकों की जिंदगी में जहां आमूलचूल बदलाव लाएगा, इनकी आमदनी बढाते हुए किसान भाइयों को आत्मनिर्भर बनेगा. वहीं दूसरी तरफ राज्य को कुपोषण से मुक्ति मिल सकेगा. 

झारखण्ड के गांव-गांव तक पहुँचेगा डेयरी का शुद्ध दूध और दुग्ध उत्पाद 

मुख्यमंत्री द्वारा बाजार में उपलब्ध कृत्रिम दूध और उससे बने उत्पाद से होने वाली स्वास्थ्य हानि पर चिंता जताया जाना, कुपोषण के प्रति उनकी गंभीरता दर्शाता है. और इसके लिए शुद्ध दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने के दिशा में डेयरी को बढ़ावा दिया जाना. शुद्ध दूध जनता तक पहुंचाने की कवायद. साथ ही ग्रामीणों को पशु पालन के लिए प्रोत्साहित, आग्रह किया जाना, पशु धन को बढ़ाने पर नीतियों के माध्यम से विशेष ध्यान देना निश्चित रूप से कुपोषण मुक्त झारखण्ड की दिशा में मजबूत कदम माना जा सकता है.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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