झारखण्ड : हेमन्त सरकार में सुदूर इलाकों के पर्यटक स्थलों को संवारने से सृजित हुए हैं आजीविका

झारखण्ड में नई पर्यटन नीति के मद्देनज़र सिमडेगा के केलाघाघ, दनगद्दी, केतुंगाधाम भंवर पहाड़ जैसे पर्यटक स्थलों को दिया गया है नया स्वरूप…

रांची : झारखण्ड, सिमडेगा के केलाघाघ, दनगद्दी, केतुंगाधाम जैसे पर्यटक स्थलों को नये स्वरूप दिए जाने से पर्यटक बरबस आकर्षित हो ही रहे हैं, आजीविका सशक्तिकरण के मद्देनजर स्थानीय जनता के लिए रोजगार सृजन भी हुए हैं. इस क्षेत्र के मनोरम प्रकृति छटा पर्यटकों का मन मोह रही है. पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए सरकार द्वारा मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा पर ध्यान दिए जाने के कारण पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है.

ज्ञात हो, हेमन्त सरकार में वर्षों से उपेक्षित सिमडेगा जैसे कई पर्यटन स्थलों को संवारने का कार्य पिछले एक वर्ष से किया जा रहा है. जिला पर्यटन संर्वधन समिति के माध्यम से राज्य के तमाम संभावनाओं वाले पर्यटक स्थल को चिह्नित कर विकसित करने का काम किया जा रहा है. इसमें स्थानीय की भूमिका भी तय की गई. जिससे जिला प्रशासन को प्रबंधन व सौंदर्यीकरण में सहूलियत हुई है और स्थानीय जनता के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार भी सुनिश्चित हुआ.

झारखण्ड के पौराणिक-ऐतिहासिक विरासत को संवारने का सराहनीय प्रयास 

सिमडेगा जिले में ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं जिसकी सुन्दरता अनुपम है साथ ही इनका जुडाव स्वर्णिम  इतिहास से भी हैं. भंवर पहाड़ जैसे प्रतीक झारखण्ड के पौराणिक-ऐतिहासिक विरासत संजोये है. कहते हैं कि कालांतर में युद्ध के दौरान शत्रुओं के दांत खट्टे करने में भंवर पहाड़ का अहम योगदान रहा है. भंवर पहाड़ की ऐतिहासिक विरासत संजोते हुए इसे पर्यटक स्थल के रूप में सवाने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही भंवर पहाड़़ के मनोरम दृश्य की ओर पर्यटककों को आकर्षित करने हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्यों को धरातल पर उतारा गया है. भंवर पहाड़़ को जल्द पर्यटकों के लिए खोल दिया जायेगा.

प्रकृति के बीच स्थित धार्मिक स्थलों की भी बदली तस्वीर, मिला नया स्वरूप 

जिला मुख्यालय से सटे केलाघाघ पर्यटक स्थल पर सोलर हाई मास्क लाइट, पुलिस ओपी, रेलिंग के किनारे जालीदार घेरा, कैंटीन जैसी सुविधा बहाल की गई है. केलाघाघ, दनगद्दी, केतुंगाधाम जैसे अन्य पर्यटक स्थलों को वृहद्ध पैमाने पर विकसित किया जा रहा है. पर्यटकों को खल रही सुविधाएं बहाल की जा रही हैं. दनग्दी में वाच टावर, हाई मास्क लाईट का अधिष्ठापन, सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ. दनग्दी में पर्यटकों के सुविधानुसार विकास के कार्य होने से अब वहां हर दिन स्थानीय ग्रामीण खान-पान की दुकान लगा रहे हैं, जिससे उनकी कमाई हो रही है.

वनदुर्गा में हाई मास्क लाईट व स्ट्रीट लाईट का अधिष्ठापन, सामुदायिक शौचालय का सुदृढ़ीकरण, सुलभ आवागमन की सुविधा जैसे कार्यों को करते हुए विकसित किया गया है. अब यहां विवाह एवं अन्य कार्यक्रम भी हो रहे हैं. केतुंगा धाम, जहां बाबा भोलेनाथ का मंदिर है, वह स्वयं अपने पौराणिक विरासत को दर्शाता है. जिला प्रशासन द्वारा मंदिर से नहर तक शेड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी. पुराने भवन को सुदृढ़ करते हुए पर्यटकों के लिए सुलभ सुविधा बहाल करने के दृष्टिकोण से संवारा जा रहा है.

जिला प्रशासन का प्रयास है, चिह्नित पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के सुविधा अनुरूप विकसित किया जाये. इस क्षेत्र में लगातार हो रहे कार्यों से कई पर्यटक स्थलों को विकसित किया जा चुका है. अन्य स्थलों के विकास कार्य अंतिम चरण में हैं. साथ ही ऐसे कार्ययोजना पर ज़ोर दिया जा रहा है जिससे विकसित पर्यटन स्थल से स्थानीय जनता की प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार भी मुहैया हो.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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