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झारखण्ड : हेमन्त सरकार पर बढ़ रहा है महिलाओं का विश्वास 

July 30, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : फेमिना मिस इंडिया में प्रतिभागी रिया तिर्की, मिस यूनाइटेड नेशंस अर्थ 2022 खिताब की विजयी प्रतिभागी एंजेल मेरीना तिर्की जैसी बेटी का विश्वास के साथ सीएम से मुलाकात दर्शाता है कि महिलाओं का विश्वास बढ़ रहा है हेमन्त सरकार पर. 

रांची : महिलाओं की बराबर हिस्सेदारी झारखण्ड क्षेत्र की महान परंपरा रही है. इस क्षेत्र की महिलायें हर संघर्ष मे पुरुषाओं की तुलना मे बराबर की भागीदार रही है. स्वतंत्रता आंदोलन, अलग झारखण्ड आंदोलन तक की लड़ाई मे इनकी हिस्सेदारी बराबर की रही है. लेकिन, झारखण्ड गठन के बाद सरकारों  की नीतियों के अक्स मे महिलायें पीछे छुटती चली गई. और राज्य मे महिला सम्मान व सशक्तिकरण एक गंभीर मुद्दा बन कर उभरा. स्थिति यह हो चली कि राज्य कुपोषण का शिकार हो गया. 20 वर्ष बाद हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार मे ऐसे गंभीर मुद्दे पर ठोस कार्य होने से महिलाओं का विश्वास मुख्यमंत्री पर बढ़ा है.

हेमन्त सरकार की नीतियों के अक्स मे राज्य की महिलाएं-बेटियाँ फिर से अपने सपनों को पंख दे पाने सक्षम हो रही है. महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, नियुक्ति से लेकर शिक्षा तक मे बराबर का हक दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कोरोना जैसे संकट काल मे राज्य की महिलाओं पर विश्वास किया. राज्य की वीरांगनाओं ने भी उन्हें निराश नहीं किया. उन्होंने राज्य मे एक भी आदमी को भूख से बिलखने नहीं दिया. मुख्यमंत्री भी हर मंच से इन वीरांगनाओं का आभार व्यक्त करते दिखते हैं और वह महिला भागीदारी की बात करते हैं.

झारखण्ड की बेटियों का विश्वास के साथ मुख्यमंत्री से मिलन इसी सच का हिस्सा

‘महिला-पुरुष एक ही हल के हिस्से, किसी एक के बिना लक्ष्य पाना मुश्किल’ … यहाँ भी मुख्यमंत्री के शब्द उनके कार्यों से मेल खाते हैं. हेमन्त सरकार की नीतियों मे राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ी रेखाएं खिंची गयी है. महिलाओं को हडिया-दारू जैसे अभिशप्त जीवन से मुक्त कर सामुदायिक रसोईघर, सार्वजनिक भोजनालय, लॉण्ड्री, मरम्मत की दूकानें, शिशुशालाएँ, किण्डरगार्टेन, बालगृह, शिक्षा संस्थान जैसे कई प्रक्षेत्रों में आर्थिक मदद पहुँचा स्वावलंबी बनाया जा रहा है. यहाँ तक कि केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति मे हर घर तिरंगा कार्यक्रम की बैठक मे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा झारखण्ड की महिलाओं की भागीदारी का पक्ष प्रमुखता से रखा गया. 

संक्षेप में कहें तो, घरेलू और शिक्षा सम्बन्धी कार्यों को व्यक्तिगत गृहस्थी के दायरे से समाज के दायरे में स्थानान्तरित कर संवैधानिक शर्तों को पूरा हेतु हेमन्त सरकार में पर्याप्त संजीदगी दिख रही है. नतीजतन, झारखण्ड की महिला वर्ग का हेमन्त सरकार पर विश्वास बढ़ी है. फेमिना मिस इंडिया में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व करने वाली रिया तिर्की, मिस यूनाइटेड नेशंस अर्थ 2022 खिताब की विजयी प्रतिभागी एंजेल मेरीना तिर्की, महिला हॉकी खिलाड़ियों, जैसी बेटियों का विश्वास के साथ मुलाकात स्पष्ट रूप से तथ्य की पुष्टि करता है.

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झारखण्ड : महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण में हेमन्त सरकार के 11 निर्णायक कदम

July 20, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : महिला सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण में कई ठोस कदम उठाये गए हैं. शिक्षा, खेल, कृषि, व्यवसाय, नियुक्ति जैसे क्षेत्रों में हेमन्त सरकार नई सोच के साथ आगे बढ़ी है. तो महिला सुरक्षा में प्रशासनिक-न्यायिक व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण-आधुनिकीकरण हो रहे हैं.

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में, सरकार की नीतियों के अक्स में, झारखण्ड महिला सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण की सीढियां चढ़ रहा है. तथ्य  का ताजा उदाहरण फेमिना मिस इंडिया में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व करने वाली रिया तिर्की जैसी बेटियों के चहरे पर छलकता आत्मविश्वास  हो सकता है. ज्ञात हो,  रिया तिर्की ने मुख्यमंत्री से मिलने इच्छा जताए जाने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उनसे मुलाक़ात कर, सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री ने मुलाक़ात के दौर एक बार फिर दोहराया कि झारखण्ड के युवा होनहार, हुनरमंद व कर्मठ हैं.  

ज्ञात हो, महिला सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण के मद्देनजर हेमन्त सरकार में राज्य में विभिन्न कल्याणकारी योजनायें धरातल पर उतारे गए हैं. शिक्षा, खेल, कृषि, व्यवसाय, स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में जहाँ झारखंडी महिलाओं को आगे लाया जा रहा है. तो वहीं महिला सुरक्षा की दिशा में प्रशासनिक-न्यायिक व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण-आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है. महिला हेल्प डेस्क गठन जैसे निर्णय पर जोर दिया जा रहा है.

1090719 किशोरियों एवं युवतियों को 12839 तेजस्विनी क्लबों में सूत्रण 

  • राज्य के कुल 224 बाल विकास परियोजनाओं में सभी 38 हजार 432 आंनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया गया है. 
  • जेएसएलपीएस के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 24 जिलों में चावल, गुड़, दाल, मूंगफली-भूना, आलू के रूप में पूरक पोषाहार दिया गया है. 
  • मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, डायन प्रथा उन्मूलन, सामूहिक विवाह कार्यक्रम व अन्तिम संस्कार के लिये अनुदान की दिशा में काम किया गया है. 
  • 17 जिलों में तेजस्विनी परियोजना के तहत 10 लाख 90 हजार 719 किशोरियों एवं युवतियों को 12839 तेजस्विनी क्लबों में सूत्रण किया गया है. सभी क्लबों को बैंक खाता खोलकर 11 हजार 795 क्लबों की स्थापना राशि एवं वार्षिक सीड ग्रांट की प्रथम किश्त प्रदान की जा चुकी है. 
  • किशोरियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिय 10300 लाख के विरूद्ध 6025 लाख रूपये व्यय किये गये हैं. 

महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए राज्य में महिला हेल्पलाईन 

राज्य में महिला सुरक्षा के मद्देनज़र सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है. जिसमें हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल और 24 घंटे में आपातकालीन सेवा प्रदान करने हेतु यूवर्सलाईजेशन ऑफ वीमेन हेल्पलाईन योजनान्तर्गत शॉर्ट कोड 181 का प्रयोग महिला हेल्पलाईन के लिये किये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है. 

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना 

योजनान्तर्गत किया गया है. संबंधित 12 जिलों के प्रत्येक पंचायतों में कुल 2566 पंचायतों में से कुल 2373 पंचायत मुख्यालय पर गुड्डी-गुड्डा बोर्ड की स्थापना हुई है. 21 जिलों के लिये वन स्टॉप भवन की स्वीकृति महिला, बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से प्रदान की गयी है. बता दें कि निर्भया फंड अन्तर्गत वन स्टॉप सेंटर कार्यान्वित किये जायेंगे. 

सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए रिक्त पदों पर भर्ती 

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में कुल 75 पद रिक्त हैं जिसके लिये जेपीएससी और जेएसएससी को अधियाचना भेजी जा चुकी है. बाल संरक्षण योजनान्तर्गत नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं.

महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना वनोपज 

इस परियोजना को कुल 18 जिलों के 54 प्रखंडों में किया जा रहा है. इसमें मुख्य रूप सये लाह, रेशम, ईमली एवं औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देकर उचित बाजार व्यवस्था से जोड़ना है. वन विभाग की ओर से विकसित लाह उत्पादन फार्म को पहली बार सखी मंडल की दीदियों को उत्पादन का दायित्व सौंपा गया है. इनमें कुल वृक्षों की संख्या 92 हजार है. 

सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए पलाश ब्रांड की शुरूआत

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये आजीविका संवर्द्धन हुनर अभियान के तहत पलाश ब्रांड की शुरूआत की गयी है. जिससे ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं की ब्रांडिंग कर उसके लिये ग्लोबल मार्केट उपलब्ध कराने की कवायद हो रही है.

मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 

मनरेगा के तहत सृजित किए गए मानव दिवस में 41.5 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही है. इसमें सबसे ज्यादा कोडरमा में 47.8 प्रतिशत और सबसे कम देवघर में 34.7 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी रही है.

फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान 

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को हंड़िया बेचने से रोकना है. अब तक 16 हजार 549 महिलाओं को चिन्हित किया गया है तथा इन महिलाओं को 10 हजार रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है. इस योजना में 342 नवजीवन दीदियां कार्यरत है तथा 7075 महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है. 

उत्पीड़न के मामलों के निष्पादन हेतु 22 फास्ट ट्रैक कोट का गठन 

राज्य सरकार ने महिलाओं तथा अवयस्कों के विरूद्ध होने वाले यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों पर त्वरित निर्णय हेतु 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने का निर्णय लिया गया है. 

पशुधन विकास योजना 

झारखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों के पास उपलब्ध मुर्गी और सूकर पालन उनके लिये एटीएम की तरह है. इसके अलावा किसानों को आय का एक सशक्त स्रोत उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री पशुधनविकास योजना की शुरूआत हुई है.

यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा व सशक्तिकरण

  • मुख्यमन्त्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत (पुरूष अथवा महिला), उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक को लाभ दिया जा रहा है.
  • मुख्यमन्त्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना – इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला, जिनके पति की मृत्यु हो गई हो पेंशन दिया जा रहा है. 
  • 18 वर्ष अथवा इससे अधिक आयु की परित्यक्त महिला, 45 वर्ष अथवा उससे अधिक उम्र की एकल महिला को भी पेंशन का लाभ दिया जा रहा है. इन दोनों ही वर्गों की पहचान मुखिया एवं पंचायत सचिव/वार्ड पार्षद एवं राजस्व उपनिरीक्षक, विधायक/सांसद व राजपत्रित पदाधिकारी प्रमाणित कर सकते हैं.
  • स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना – इसके तहत दिव्यांगता संबंधी प्रमाणपत्र की छायाप्रति तथा आयुप्रमाण पर 18 वर्ष से कम उम्र होने पर जन्म प्रमाणपत्र या स्कूल अथवा कॉलेज के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र पर भी लाभ मिलेगा.
  • एचआईवी/एड्स पीडित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना- इसके तहत आयु सीमा नहीं रखी गई है. आवेदक के लिए ART/ARD प्राप्त करने संबंधी चिकित्सा प्रमाण पत्र के आदर पर सहयोग किया जाएगा.
  • उड़ान परियोजना के तहत 11 जिलों के 24 प्रखंडों के 23,779 पीवीटीजी परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. इसमें डाकिया योजना के तहत 68,370 परिवारों को घर पर राशन पहुंचाया जाता है.

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“हर घर तिरंगा” : झंडा निर्माण में ग्रामीण महिला समूह-सहिया भागीदार हो -हेमन्त सोरेन 

July 18, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : महिला सशक्तिकरण की दिशा में हेमन्त सरकार में पर्याप्त संजीदगी दिखती है. डॉ महुआ मांझी ने राज्यसभा सांसद पद की शपथ ली. “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम बैठक में सीएम ने सुझाव दिया -झंडा बनाने के काम में ग्रामीण महिला समूह-सहिया की भागीदारी हो.

रांची : मौजूदा हेमन्त सरकार की नीतियों के कैनवास में, झारखण्ड में महिला सशक्तिकरण बड़ी रेखाएं खिंची जा रही है. महिलाओं को अभिशप्त जीवन से मुक्त कर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक शैक्षणिक, न्याययिक जैसे कई प्रक्षेत्रों में मदद पहुँचा प्रेरित किया जा रहा है. संक्षेप में कहें तो, घरेलू और शिक्षा सम्बन्धी कार्यों को व्यक्तिगत गृहस्थी के दायरे से समाज के दायरे में स्थानान्तरित कर संविधान के शर्तों को पूरा करने की दिशा में हेमन्त सरकार ने पर्याप्त संजीदगी दिखाई है. ज्ञात हो, इस कड़ी अब महुआ मांझी तथ्य की स्पष्ट उदाहरण बनी है, उन्होंने 18 जुलाई को झारखण्ड राज्यसभा सांसद के पद की शपथ ली है.

ज्ञात हो, देश में आजादी के 75वें वर्षगांठ को मानने की तैयारी 3 से 15 अगस्त तक”हर-घर तिरंगा” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम के माध्यम से भारतियों के बीच देश के  प्रति गौरव, स्वाभिमान और देशभक्ति के भाव जगाने का प्रयास है. हर घर तिरंगा” कार्यक्रम के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्री ने किया सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक। की है. इस दौरान भी झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का वक्तव्य महिला सशक्तिकरण की वकालत करती दिखी.

ग्रामीण महिला समूह, सहिया की भागीदारी से बने झंडा : हेमन्त सोरेन 

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सुझाव दिया कि इस कार्यक्रम के लिए भारत सरकार से झंडा की उपलब्धता हेतु पत्र भेजे जाएंगे. इस कार्यक्रम से आम लोगों को जोड़ने के लिए ग्रामीण स्तर की महिला समूह, सहिया की भागीदारी कराई जाए, उन्हें भी झंडा बनाने के काम मे जोड़ा जाए. जिससे गाँव स्तर पर लोगों को इसकी जानकारी और बृहत स्तर पर मिल सकेगी. मसलन, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मंशा स्पष्ट है कि देश में हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो.

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हेमन्त शासन : पुरुषवादी मानसिकता से पीड़ित देवाकर तिवारी की पत्नी ज्योति को मिली मदद

June 29, 2022 by najhma Leave a Comment

देवाकर तिवारी की पत्नी ज्योति देवी रिम्स (RIMS) रांची में अकेली पड़ी थी. उनका कोई मदद करने वाला नही था. आधार कार्ड ससुराल के लोगो द्वारा छीन लिया गया है. मुख्यमंत्री द्वारा चिकित्सीय मदद पहुँचाने का दिया गया आदेश.

रांची : झारखण्ड शासन के मौजूदा परिदृश्य में हेमन्त सोरेन की छवि एक संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप उभरा है. जो निश्चित रूप हेमन्त सरकार की शासन पद्धति को परिभाषित कर सकता है. ज्ञात हो, जब भी समस्याओं के बीच जनता द्वारा हेमन्त सोरेन को बतौर मुख्यमंत्री पुकारा गया है, उन्होंने जनता की पुकार न केवल सुनी है, निदान करने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ते दिखते है. इस फेहरिस्त में केस स्टडी 3.

केस स्टडी 3 – गेराजुडीह ग्राम, गिरिडीह के रहने वाले देवाकर तिवारी की पत्नी ज्योति देवी दो दिन से राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स (RIMS) रांची में अकेली पड़ी थी. उनका कोई मदद करने वाला नही था. वह पैर कि गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं. इनके पास राशन कार्ड भी नही है और आधार कार्ड ससुराल के लोगो द्वारा पड़ताडित करके छीन लिया गया है. 


पुरुषवादी मानसिकता से पीड़ित इस बेसहारा बहन ने मुख्यमंत्री को पुकारा गया. मुख्यमंत्री ने मामले में संज्ञान लेते हुए उपायुक्त गिरिडीह को मामले की जांच कर ज्योति बहन को चिकित्सीय मदद पहुँचाते हुए सूचित करने का आदेश दिया गया. और मामले में गिरिडीह उपायुक्त द्वारा त्वरित कार्रवाई आरम्भ हुई. जनता द्वारा मुख्यमंत्री को आभार ज्ञापित किया गया.

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हेमन्त शासन : खिलाड़ी मारिया के दर्द भरे पुकार को मुख्यमंत्री से मिली मदद, हो रहा है ईलाज

June 29, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : मारिया गोरती खलखो 30 साल तक बतौर पूर्व कोच रहीं है, जेबलिन थ्रो की नेशनल खिलाड़ी रह राज्य का नाम रौशन भी किया है. पूर्व सरकारों की नीतियों के अक्स में वह बिमारी व मुफलिसी में जी जीने को मजबूर रहीं थी. लेकिन हेमन्त शासन में मिली

रांची : झारखण्ड शासन के मौजूदा परिदृश्य में हेमन्त सोरेन की छवि एक संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप उभरा है. जो निश्चित रूप हेमन्त सरकार की शासन पद्धति को परिभाषित कर सकता है. ज्ञात हो, जब भी समस्याओं के बीच जनता द्वारा हेमन्त सोरेन को बतौर मुख्यमंत्री पुकारा गया है, उन्होंने जनता की पुकार न केवल सुनी है, निदान करने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ते दिखे है. इस फेहरिस्त में केस स्टडी 2.

केस स्टडी 2 – 63 साल की मारिया गोरती खलखो 30 साल तक बतौर पूर्व कोच रहीं है, जेबलिन थ्रो की नेशनल खिलाड़ी रह राज्य का नाम रौशन भी किया है, लेकिन, पूर्व सरकारों की नीतियों के अक्स में वह मुफलिसी में जी जीने को मजबूर रहीं थी. वह बीमार हैं और उनकी स्थति यह चली थी कि उनके पास दवा खरीदने तक के पैसे नहीं थे. उन्हें वृद्धा पेंशन जैसे सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी नहीं मिल रहा था. 

वह चाहती थी कि उन्हें खेल विभाग से उनका हक पेंशन के रूप में मिले. मारिया की दर्द भरे पुकार को मुख्यमंत्री द्वारा न केवल सुना गया, मामले में Directorate of Sports & Youth Affairs, Jharkhand को तत्काल आदेश भी दिया गया. 

नतीजतन, Directorate of Sports & Youth Affairs, Jharkhand द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश पर झारखण्ड की बेटी मारिया जी को जिला खेल पदाधिकारी के माध्यम से त्वरित इलाज के लिए हर संभव मदद की पहल हुई. और पेंशन देने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई है.

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