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दिसूम गुरु शिबू सोरेन – हाई कोर्ट ने लोकपाल के सुनवाई पर लगाई रोक 

September 12, 2022 by najhma Leave a Comment

दिसूम गुरु शिबू सोरेन के खिलाफ लोकपाल में हो रही सुनवाई मामले को हाई कोर्ट में दी गई है चुनौती. हाईकोर्ट ने लोकपाल सुनवाई पर रोक लगा दी है.

रांची : सर्वविदित है कि मानुवादी इडिऑलोजी देश में हजारों वर्षों से बहुजन समाज का शोषण करती आई है. वर्तमान में इसका ताजा स्वरूप झारखण्ड में देखा जा सकता है. जहां सामंतवादी व्यवस्था राज्य की मौजूद बहुजन सरकार के जनपक्ष में बढ़ते कदम को रोकने हेतु, संविधानिक संस्थानों के माध्यम से लगातार हमलावर है. इसके अक्स में झारखण्ड आन्दोलन के अगुवा क्रांतिकारी जननेता दिसूम गुरु शिबू सोरेन, जो उम्र के चौथे पड़ाव में हैं, उन्हें भी नहीं बख्शा गया है. 

लोकपाल के समक्ष है दिसूम गुरु शिबू सोरेन का आय से अधिक संपत्ति का मामला 

ज्ञात हो, दिसूम गुरु शिबू सोरेन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला लोकपाल के समक्ष अगस्त 2020 से दायर है. 15 सितंबर 2020 को इस मामले में लोकपाल द्वारा लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 20(1)(ए) के तहत पीई दर्ज कर सीबीआई को 6 महीने में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया था. 

सीबीआई के द्वारा मामले में मार्च 2021 और जुलाई 2021 को रिपोर्ट सौंपी गई थी. इसके बाद लोकपाल के द्वारा दिसूम गुरु शिबू सोरेन व उनके परिवार से अपना पक्ष रखने हेतु नोटिस भेज गया था. इसके उपरांत सोरेन परिवार के द्वारा मामले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. 

सोरेन परिवार के द्वारा लोकपाल सुनवाई मामले को हाई कोर्ट में दी गई चुनौती 

दिल्ली हाईकोर्ट में यह मामला जस्टिस यशवंत वर्मा की कोर्ट मे है. मामले में याचिका पर सुनवायी करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी की गई. दिसूम गुरु शिबू सोरेन के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अरुणाभ चौधरी व प्रज्ञा सिंह बघेल ने कोर्ट में पक्ष रखा. 

ताजा सूचना के अनुसार उपरोक्त मामले में दिल्ली उच्च नयायालय के द्वारा लोकपाल की कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है. अब दिल्ली उच्च नयायालय इस मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर 2020 को करेगा. जिसे झारखण्ड समेत बाहुजन समाज एक बड़ी राहत मान रही है. 

मसलन, एक बार फिर देखा जा रहा है कि झारखण्ड के सोरेन परिवार द्वारा सामांतवादी इडीओलॉजी के तमाम हथकंडों के खिलाफ न केवल डट कर मुकाबला किया जा रहा है. संवैधानिक तरीके से सामांतवादी इडीओलॉजी को मुंह तोड़ जवाब भी दिया जा रहा है.

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शिबू सोरेन का सहयोगियों के साथ jharkhand movement की शुरुआत

September 2, 2022 by najhma Leave a Comment

शिबू सोरेन के jharkhand movement के साथी सेवकी महतो ने आगाह किया कि उन्हें गिरफ्तार करने पुलिस दल हजारीबाग से आया है.

jharkhand movement में दिसूम गुरु शिबू सोरेन का अहम सफ़रनामा

बेशक, आँखों देखे बिना यक़ीन नहीं हो सकता कि गुरूजी शिबू सोरेन के लिए झारखंड आन्दोलन (jharkhand movement) का सफ़रनामा ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक एतबार से कितना अहम है. कितने ही साक्ष जंगलों में पथरों में गम है. जो साक्ष शेष हैं – वही केवल उनके गुज़रे हुए इंक़लाबी दौर से हमे अवगत करवाता है. और आज भी समाज को बेहतर बनाने के लिए इंसाफ़पसन्द एवं संजीदा लोगों को प्रेरणा देते हैं. जो गुरूजी का हमारी पीढ़ी को दिया गया बहुमूल्य तोहफ़ा है.

इस तीसरे लेख के माध्यम से गुरु जी के जीवनी को समझने की कड़ी में आगे बढते हैं.

दिसूम गुरु शिबू सोरेन के आन्दोलनकाल (jharkhand movement) के साथी सेवकी महतो ने गोला से लौट एक शाम को उन्हें आगाह करते हैं, कि उन्हें गिरफ्तार करने की मंशा से एक पुलिस का दल हजारीबाग से आया है, हो सकता है आज रात ही छापामारी कर दे. साथ ही सुझाव दिया कि इस समस्या से निपटने के लिए वे आज की रात उनके यहाँ बिताएं. गुरूजी अपने परिवार से मिले और अपनी पत्नी की साड़ी और गोबर फेंकने वाला खंचिया (टोकरी) ले सेवकी जी के घर चले गए.

गुरूजी शिबू सोरेन की गिरफ्तारी के लिए आधी रात में पहुंची पुलिस

ठीक आधी रात में नेमरा गाँव की साकल (कुँडी) पुलिस बल द्वारा खटखटाए जाने लगे, जबरन गुरूजी की खोज में गाँव की तलाशी शुरू हो गयी. हालांकि रूपी ने पुलिस को बताया कि गुरूजी कल शाम ही साईकिल ले कहीं चले गए हैं. फिर भी घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, कोई भी स्थान कुम्बा, कोठा, बारी यहाँ तक कि घोरान (झाड़ का घेरा) को भी पीट कर तसल्ली की गयी.

रूपी ने गुस्से में प्रशासन से कहा कि आप लोग इनके पीछे पड़ने के बजाय समाज के शोषकों, सूदखोरों एवं भ्रष्टाचारियों को क्यों नहीं पकड़ते? हत्या तक कर खुले आम घूम रहे हैं, रूपी के बच्चे सहमे बैठे थे.

इधर सेवकी महतो गुरुजी के कमरे में पहुंचा तो देखा गुरूजी गायब हैं और वहां एक औरत खंचिया लिए बैठी है, जब औरत ने उन्हें चुप रहने का इशारा किया, तब वह समझा कि गुरूजी की लीला आरम्भ हो चूकी है. गुरूजी ने दाढ़ी-मूंछ हटा लिए थे, बाल तो बड़े ही थे, टीका और सिंदूर लगा पूरी नारी प्रतीत हो रहे थे.

jharkhand movement – गुरूजी शिबू सोरेन महिला केे वेशभूषा में निकले

गोबर भरे खंचिया लेकर वह महिला सेवकी के घर से निकली, एक पुलिसवाले की नजर उस पर पड़ते ही रुकने का आदेश हुआ, वह रुक गयी. इतने में कड़कती आवाज आयी -कहा जा रही हो?

महिला (गुरूजी) ने तडके जवाब दिया दिखता नहीं मवेशी खोलने का वक़्त हो गया है, गोहाल का गोबर फेंकने जा रही हूँ. लेकिन आप लोग यहाँ क्या कर रहे हो? – पुलिस वाला भौचक्का हो जवाब दिया कि गुरूजी को पकड़ने आये हैं. इतने में महिला (गुरूजी) ने कहा कि इस प्रकार ढोल बजाकर आने से क्या गुरूजी तुम्हारे हाथ लगेंगे? पुलिस वाले ने कहा हम क्या करें सरकारी आदेश है उसे पूरा करने आये हैं.

न जाने ऐसी कितनी ऐतिहासिक कहानियाँ गुरूजी के नेमरा गाँव से लेकर तमाम झारखंड के दुर्गम जंगलों-पहाड़ियों में बिखरी पड़ी है बस जरूरत है तो वहां पहुँच साक्ष समेट कहानियाँ निकाल प्रस्तुत करने की.

इसी तरह गुरूजी की एक दूसरी ऐतिहासिक कहानी है जिसमें मल्हा बन मूष पकाते है और उसके दुर्गन्ध से गुरुजी ने पुलिस को चकमा दिया था. लाख कठिनाईयां झेले लेकिन बिना उफ़ किये हमारी पीढ़ी को झारखंड सौगात स्वरूप दिए. आगे की कहानी अगले लेख में –जोहार –जय झारखंड।

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झारखण्ड : मंत्रिपरिषद बैठक के निर्णय व प्रस्ताव स्वीकृति

September 2, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : 01 सितंबर 2022 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और प्रस्तावों को स्वीकृति मिली. जो राज्य की जनता और कर्मचारी वर्ग को प्रभावित करती है. जो लेख में पढ़ जा सकता है.

मंत्रिपरिषद बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय व स्वीकृति

  • झारखण्ड पंचायत सचिव (नियुक्ति, सेवाशर्त्त एवं कर्त्तव्य) नियमावली (संशोधित), 2014 को शिथिल करते हुए ग्राम रक्षा दल के दलपतियों को पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति की स्वीकृति दी गई.
  • अवमाननावाद संख्या-202/2019 दयाशंकर प्रसाद कर्ण बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-01.10.2021 को पारित आदेश के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर Special Leave Petition No.- 11889/22 में दिनांक-18.07.2022 को पारित आदेश के अनुपालन में निर्गत विभागीय संकल्प संख्या-1729, दिनांक-22.08.2022 के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
  • झारखण्ड राज्य अंगुलांग सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त्तों) नियमावली-2022 के गठन करने की स्वीकृति दी गई. 
  •  झारखण्ड राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत लक्षित जन वितरण प्रणाली के तहत् राज्य के सभी 24 जिलों में Fortified Rice वितरण करने हेतु “Rice Fortification Scheme” लागू करने की स्वीकृति दी गई.
  •  अधिग्रहित फरक्का-ललमटिया ट्रांसमिशन सिस्टम के पुर्नस्थापित हेतु प्रशासनिक स्वीकृति के उपरांत ट्रांसमिशन लाईन के निर्माण कार्य में निविदा निस्तारण हेतु 10% की अधिसीमा के शिथिलिकरण की स्वीकृति दी गई.
  • झारखण्ड राज्य के गठन (बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000) के पश्चात् झारखण्ड राज्य के भौगोलिक सीमा में अवस्थित चाण्डिल लघु जल विद्युत परियोजना (जिला-सरायकेला-खरसावाँ) एवं तेनुबोकारो लघु जल विद्युत परियोजना (जिला-बोकारो)  को As is where is के आधार पर ज्रेडा द्वारा पी.पी.पी मोड पर संचालन करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. 
  •  400 के.वी.डबल सर्किट क्वाड 3 फेज मूज कन्डक्टर पी.भी.यू.एन.एल.-पतरातू संचरण लाईन एवं दो अदद् 400 के.वी. लाईन बे के निर्माण कार्य में निविदा निस्तारण हेतु 10% की अधिसीमा के शिथिलिकरण की स्वीकृति दी गई.
  •  मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत् प्रभावित सुपात्र व्यक्तियों की चिकित्सा हेतु विभागीय स्तर से चिकित्सा सहायता अनुदान की राशि 5.00 लाख रू. को बढ़ाकर 10.00 लाख रू. करने एवं पूर्व से स्वीकृत असाध्य रोगों की सूची में अन्य असाध्य रोगों को सूचीबद्ध करने की स्वीकृति दी गई.
  •   लातेहार जिलान्तर्गत “लातेहार से हेरहंज भाया नवादा पथ (कुल लंबाई-28.7 कि.मी.) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन सहित)“ हेतु रू. 79,49,91,400/- (उनासी करोड़ उनचास लाख इक्यानवे हजार चार सौ) मात्र का पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.
  •  विश्व बैंक संपोषित झारखंड पावर सिस्टम इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड एवं झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के लिए स्वीकृत राशि को रिस्ट्रक्चर करने की स्वीकृति दी गई.
  •  नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर पलामू के अंतर्गत नवस्थापित डिग्री महाविद्यालय में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पदों का सृजन तथा महाविद्यालयों में संकाय की स्वीकृति दी गई.
  •   मोटरयान (यान स्क्रेपिंग सुविधा का रजिस्ट्रेशन और कार्य) नियम, 2021 के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई.
  •  माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद WPS No. 3387/2011, शंकर कुमार बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य एवं अपीलवाद LPA No. 135/2021, झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम शंकर कुमार तथा उक्त से उद्भूत अवमाननावाद Cont Case (Civil) No. 448/2021 में पारित आदेशों के अनुपालन हेतु स्व. बसंत प्रसाद, भूतपूर्व लिपिक, आदित्यपुर अंचल, जमशेदपुर की सेवा को सशर्त नियमित किये जाने सहित उनके पुत्र श्री शंकर कुमार को अनुकम्पा के आधार पर सशर्त नियुक्त किये जाने के की स्वीकृति दी गई.
  •  केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में किए गए संशोधनों के आलोक में झारखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में प्रस्तावित संशोधनों से संबंधित झारखण्ड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2022 के झारखण्ड विधान सभा के मॉनसून सत्र में पुरःस्थापन पर मंत्रिपरिषद की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
  •  पूर्व से संचालित जन वितरण प्रणाली कम्प्यूटरीकरण ( End-to-end Computerization of TPDS) योजना को राज्य योजनान्तर्गत कम्प्यूटराईजेशन योजना के कार्यान्वयन हेतु अनुमानित वार्षिक लागत रूपये 50.00 (पचास) करोड़ मात्र पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 में उपबंधित राशि रूपये 50.00 करोड़ (पचास करोड़ रूपये) मात्र की स्वीकृति दी गई.
  •  भारत सरकार की योजना Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) हेतु पी०एफ०सी० से स्वीकृति के उपरांत संशोधित प्राक्कलित राशि रू० 4120.29 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति तथा इस योजना के तहत् पी०एफ०सी०, राज्य सरकार एवं झारखण्ड बिजली वितरण निगम लि0 के बीच त्रिपक्षीय एकरारनामा हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति दी गई.
  •  राज्य योजना अन्तर्गत संचालित 89 मॉडल विद्यालयो में छात्रों के खाली रह गये सीटों पर नामांकन हेतु प्रतीक्षा सूची तैयार करते हुए प्रतीक्षा सूची में से नामांकन करने तथा विद्यालय प्रबंधन समिति एवं जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा योग्य छात्रों का नाम नामांकन हेतु अनुशंसित कर भरे जाने की स्वीकृति दी गई.
  •  स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अन्तर्गत पारा मेडिकल कर्मियों (यथा-परिचारिका ग्रेड ‘ए’, ए०एन०एम०, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला प्रावैधिक, एक्स-रे तकनीशियन) की नियुक्ति नियमावली, 2018 में संशोधन की स्वीकृति दी गई.
  •  प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद एवं प्राचीन कला केन्द्र, चण्डीगढ़ द्वारा संगीत विषय में प्रदत्त उपाधि की मान्यता प्रदान करते हुये W.P. (S) No.1620/2020 एवं संलग्न अन्य वादों के क्रम में दायर I.A No. 4881/2020 में दिनांक 23.06.2021 को पारित आदेश के अनुपालन में वादीगण (संगीत शिक्षक) को वेतन भुगतान की स्वीकृति दी गई.
  •  मंत्रिपरिषद् की दिनांक 24.08.2022 को आहूत बैठक में मद संख्या-25 के रूप में विचारित एवं स्वीकृत, पंचम झारखण्ड विधान सभा का नवम (मानसून) सत्र (दिनांक 29.07.2022 से 04.08.2022 तक) के सत्रावसान के प्रस्ताव को स्थगित करने के संबंध में स्वीकृति दी गई.
  •  पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की स्वीकृति दी गई.
  •  सहायक पुलिस कर्मियों के सेवा अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई.
  •  राज्य के VIPs/VVIPs की राज्य से बाहर की सरकारी यात्रा हेतु दिनांक-31.08. 2022 के प्रभाव से एक माह के लिए Fixed Wing Jet Charter विमान की सेवा मनोनयन के आधार पर प्राप्त करने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई. 
  •  रिम्स रांची अंतर्गत चतुर्थवर्गीय पदों पर बाह्यस्रोतीय माध्यम से सेवा प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई.

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एक आदिवासी की आपबीती दर्शाती है भाजपा का आदिवासी समाज के प्रति संकीर्ण सोच

September 1, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : भाजपा नेत्री की आदिवासी बेटी से बर्बरता के मामले पीएम, गृहमंत्री, ज्ञानी! बाबा श्री श्री निशिकांत! समेत किसी का भी माफीनामा या बयान ना आना भाजपा का आदिवासी समाज के प्रति संकीर्ण सोच दर्शाता है

रांची : झारखण्ड में एक आदिवासी बेटी की आपबीती में मनुवाद का घृणित बर्बरता का पैटर्न साफ तौर पर झलकता है. भारत में बहुजन समाज जात-पात से उत्पन्न त्रासदी को मनुवाद व्यवस्था की देन मानते है. ज्ञात हो, देश में सवर्ण जातियों द्वारा बहुजनों की प्रताड़ना का इतिहास पुराना है. और वर्तमान में भाजपा-संघ की फ़िलॉसफ़ी में यह पैटर्न दिखता है. क्योंकि एससी-एसटी-ओबीसी से संबंधित कई मामलों यह दिखाता है. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि आदिवासियों को अपमानित करना भाजपा की डीएनए में है.

ज्ञात हो, आदिवासी की बेटी के साथ भाजपा नेत्री सीमा पात्रा द्वारा रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का क्राइम किया गया है. भाजपा नेत्री सीमा पात्रा द्वारा आदिवासी बेटी को बंधक बनाया जाना. जीभ से घर का फर्श साफ करवाया जाना, गर्म तवे से उसकी शरीर को दागा जाना, माल-मूत्र पिलाया जाना, मनुवाद के प्रताड़ित करने की पुराने टूल्स हैं. ऐसे टूल्स का जिक्र स्वयं बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर द्वारा किया गया है. और मानुवाद के ऐसे त्रासदी से बहुजन समाज को बचाने के लिए संविधान में आर्टिकल 15 का प्रावधान किया गया है. 

ऐसे जघन्य अपराध करने वाले अधिकांश इन दिनों भाजपा में ही क्यों पाए जा रहे

ज्ञात हो, ऐसे जघन्य अपराध करने वाले अधिकांश लोग इन दिनों भाजपा के दल में ही पाए जा रहे हैं. झारखण्ड के मामले में भी अपराधी भाजपा की ही नेत्री है. संकीर्ण सोच से ग्रसित यह महिला भाजपा की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का प्रदेश संयोजक थी. इसके दो ही प्रमुख कारण हो सकते हैं. या तो भाजपा-संघ में इसकी ट्रेनिंग मिलती है या फिर ऐसे सोच वाले लोगों को ही भाजपा में नेतृत्व करने का मौका मिलता है. 

झारखण्ड के ज्ञानी! बाबा श्री श्री निशिकांत दुबे द्वारा भी मामले कोई बयान ना आना भाजपा की संकीर्ण सोच दर्शाता है 

इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि हमेशा की भांति न प्रधानमंत्री, ना ही गृह मंत्री और ना ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का ही इस मामले में कोई वक्तव्य आया है. जबकि पार्टी के मुखिया होने के नाते इन्हें देश के आदिवासियों से माफी प्रथम पंक्ति में खड़ा हो माफी मांगनी चाहिए थी. यही नहीं इस मामले में न तो झारखण्ड के ज्ञानी! बाबा श्री श्री निशिकांत दुबेऔर ना ही बाबूलाल मारांडी सरीखे नेताओं का कोई ठोस बयान सामने ना आना भाजपा का आदिवासी समाज के प्रति संकीर्ण सोच दर्शाता है. 

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गुरु जी रूपी विचार एक जिद्द है जिससे खौफ खाता है सामंतवाद

August 31, 2022 by najhma Leave a Comment

गुरु जी एक विचार है … अगला भाग 2

जमशेदपुर निर्मल महतो शहीद स्थल – “झारखंड संघर्ष यात्रा” के हरी झंडी दिखाए जाने वाले दिन, मंचासीन एवं वहां उपस्थित जनता गुरु जी (shibu soren) को उपस्थित देख अचंभित थे, उनके मुख से आशीष वचन सुनना चाहते थे, परन्तु उन्होंने केवल चंद शब्द कहे “भाषणबाजी नहीं संघर्ष करो” –इस शब्द की गंभीरता वही महसूस कर सकता है जो जलते झारखण्ड की ताप से झुलसा हो..

…घंटों माँ के गोद में सर रखे सोते रहे… जब आँख खुली तो आँसू सूख चुके थे और नई सुबह ने दस्तक दी थी।

वे अपने पिता के द्वारा कांसी राम को दिए वचन का मान रखते हुए गुरु जी (shibu soren) उनकी बेटी रूपी से रजरप्पा छिन्नमस्तिके देवी के समुख जीवन भर के लिए एक दूसरे के हो गए. गुरु जी के पिता ने वचन देते वक़्त कांसी राम से कहा था, तूने अपने बेटी के लिए चुना भी तो मेरे सबसे शरारती पुत्र को, तो उन्होंने कहा चुन लिया तो चुन लिया मुझे वही चाहिये।

दिन बीते लेकिन उनके आँखों में प्रतिशोध की ज्वाला नहीं बुझा. गुरु जी (shibu soren) ने अपने बड़े भाई राजा राम के पूछने पर फफक-फफक रोते हुए उनके सीने से लग इच्छा जताई कि उन्हें हजारीबाग जाकर श्री के. बी. सहाय एवं बद्री बाबू के बेटे केदार नाथ से मिलना है, उन्होंने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई है. शायद मेरे जीवन और झारखंडी समाज मे व्याप्त शोषण का कोई रास्ता निकल आये. राजा राम अब तक समझ चुके थे कि इस वेग को रोका नहीं जा सकता, उन्होंने पूछा कल तो तु दांत दर्द से इतने चिल्ला रहे थे कि भेंगराज भी घबरा गया था.

मैं केदार बाबू अधिवक्ता के दरवाजे सोकर रात काट लूँगा

वह ठीक हो गया है, दादा मुझे पांच रुपए चाहिए, मैं केदार बाबू अधिवक्ता के दरवाजे सोकर रात काट लूँगा. तीन बस चालकों से मेरी और एक से आपकी पहचान है दादा काम हो जाएगा. बड़े भाई ने कहा ठीक है लेकिन माँ कह रही थी कि तुमने कल से खाना नहीं खाया, नहीं दादा मैं जा रहा हूँ माँ से मांगकर खा लूँगा साथ में जाने की तैयारी भी कर लूँगा.

गुरू जी

सुबह माँ ने पूछा -कहाँ जा रहा है? (shibu soren) शिबू ( गुरु जी ) ने बस इतना कहा दादा से पूछ लिया है, फिर माँ ने उन्हें तुलसी-पिण्डा ले जा तिलक कर एक रुपया देते हुए सफ़र की मंगल कामना की. माँ के चरण छुए और निकल पड़े छह रूपये ले एक अनजान रास्ते पर अकेला लेकिन मजबूत इरादों के साथ.

अलग झारखण्ड राज्य के लिएअखिल भारतीय आदिवासी महासभा का गठन हुआ. इसके बाद ही shibu soren का दूर आने वाला था

इधर 1935 में प्रांतीय स्वायत्तता अधिनियम के अनुसार 1937 में बिहार विधानसभा के चुनावोपरांत कांग्रेसी मंत्रिमंडल का गठन हुआ परन्तु छोटानागपुर से उसमें किसी नेता को जगह नहीं मिली. यहाँ के लोगों को महसूस हुआ उनकी उपेक्षा हुई है.

30-31 मई 1938 रांची में उन्नति समाज, कैथोलिक सभा एवं किसान सभा ने सामूहिक बैठक कर छोटानागपुर एवं संथाल परगना को मिलाकर अलग झारखण्ड राज्य के उद्देश्य से अखिल भारतीय आदिवासी महासभा का गठन हुआ और थियोडोर सुरीन अध्यक्ष एवं पाल दयाल सचिव चुने गए. इनकी मांग को सर एम जी हैलेट ने 1938 में अविचारणीय कह खारिज कर दिया था. सेंटीनल ने 6 अगस्त, 1938 में इसका उल्लेख किया है.

इस हताशा भरे दौर के बाद हमारे गुरू जी (shibu soren) का दौर आने वाला था, उनके जिद्द भरे आन्दोलन का लोहा भाजपा के अटल जी ने भी माना है, इसलिए तो सामंतवाद उनके नाम से खौफ खाती है. अब समझा जा सकता है कि गुरु जी कैसे दौर से परिस्थियों से निकालकर हमें झारखण्ड अलग राज्य के रूप में दी है. सवाल है क्या हम युवा उनके लाज को बचा पा रहे हैं? …. जारी (शेष कहानी अगले लेख में )

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झारखण्ड : सभी राज्यवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे -सीएम हेमन्त सोरेन

August 26, 2022 by najhma Leave a Comment

झारखण्ड : हम एकजुट रहेंगे तो राज्य में अंधेरा जरूर छटेगा. हम झारखण्ड के माटी का बेटा हैं, डरना नहीं, लड़ना जानते हैं…

झारखण्ड : विकास मेला सह उद्घाटन शिलान्यास एवं परिसंपति वितरण कार्यकरम में मुख्यमंत्री ने नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में बरसों चलने वाले आंदोलन के शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए. उनकी याद में 2 मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी. कहा हम एकजुट रहेंगे तो राज्य में अंधेरा जरूर छटेगा. हम झारखण्ड के माटी का बेटा हैं, आदिवासी हैं, डरना नहीं जानते, लड़ना जानते हैं. और हम राज्यवासियों को उनका अधिकार देकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाएंगे.  

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि बरसों से संघर्षरत फायरिंग रेंज के विरोध में जो आप लोगों ने तकलीफ झेली, जो वक्त गुजारा. उस एहसास को, उस तकलीफ में हमारे आदरणीय गुरुजी ने भी अपना योगदान दिया था. दमनकारी सरकारों की नीतियों के खिलाफ विरोध करने का जज्बा कायम रहे इसलिए शुरुआत उन शहीदों को श्रद्धांजलि दे कर रहा हूँ.

हमारा राज्य में ऐसी कई जगह हैं जहाँ पहले किसी सरकार की नजरें नहीं जाती थी, न उनकी आवाज जाती थी. मैं यह नहीं कहता कि मेरे पास जादू की छड़ी है जिससे सब कुछ बदल दूँगा. लेकिन हम धीरे-धीरे राज्य के समस्याओं के स्थायी हल निकालने की दिशा में चल पड़े हैं. इसलिए आपने एहसास किया होगा कि सरकार आपके द्वार के माध्यम से सभी पदाधिकारियों को आपके दरवाजे तक पहुँचाया गया. राज्य के कर्मचारियों को अधिकार दिए जा रहे हैं. ऐसे ही हमारी सरकार सभी राज्यवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे. 

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