झारखण्ड : हेमन्त सरकार में स्थानीयों को निजी नियुक्ति के क्षेत्र में मिला 75% आरक्षण

झारखण्ड : निजी नियुक्ति में 40000 तक वेतन वाले पदों पर लागू होगा आरक्षण. 30 दिनों अंदर कंपनियों को स्थानीयों का कराना होगा निबंधन. और हर तीन माह में करनी होगी वेतनधारियों की सूची पोर्टल पर अपलोड. 

रांची : केन्द्रीय राजनीति के अक्स में देश तेजी से निजीकरण की दिशा में बढ़ चला है. जिसके तहत सरकारी नौकरियों में संविधान के तहत देश के बहुजन को प्राप्त आरक्षण स्वतः खत्म होता जा रहा है. जो झारखण्ड जैसे आदिवासी-दलित-पिछड़ा बाहुल्य राज्य के लिए गंभीर विषय है. ज्ञात हो झारखण्ड एक ऐसा राज्य है जहां हक-अधिकार हनन के मद्देनजर मूलवासी-आदिवासी पहले से ही हाँसिए पर रहे हैं. और राज्य की निजी नियुक्ति के क्षेत्र में बाहरियों का नियोजन या नौकरी मिलने का सच सामने है. 

ऐसे विकट दौर में, हेमन्त सरकार में झारखण्ड के निजी नियुक्ति के क्षेत्रों में स्थानीयों के लिए 75% आरक्षण का प्रावधान किया जाना निश्चित रूप से बड़ा कदम है. ज्ञात हो, 29 जुलाई को श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा झारखण्ड स्थानीय नियोजन नियमावली, 2022 की गजट अधिसूचना जारी कर दी गयी है. 31 दिसंबर 2021 को झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय नियोजन अधिनियम, 2021 की अधिसूचना जारी की गयी थी. स्थानीय नियोजन अधिसूचना जारी होते ही नियमावली प्रभावी हो गयी है.

स्थानीय नियोजन अधिनियम का अनुपालन एक राज्यस्तरीय अनुश्रवण समिति करेगा

नियमावली के प्रावधानों के अनुसार, नियोक्ता नियमावली लागू होने के कंपनियों को 30 दिनों के अंदर निबंधन करायेंगे. फिर 3 माह के भीतर निर्धारित पोर्टल पर 40 हजार रुपये या इससे अधिक वेतन या मजदूरी प्राप्त करने वाले कर्मियों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा. और 75% स्थानीय उम्मीदवारों को नियोजित करना होगा. कुछ मामलों में छूट दी गयी है.

राज्य अनुश्रवण समिति होगी गठित : अधिनियम के अनुपालन के लिए एक राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति होगी. इसके अध्यक्ष श्रम विभाग के सचिव होंगे व निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण सदस्य सचिव होंगे. इनके अलावा श्रमायुक्त, उद्योग निदेशक, मुख्य कारखाना निरीक्षक व मुख्य वॉयलर निरीक्षक सदस्य होंगे. राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति अधिनियम से संबंधित सभी मामलों पर संपूर्ण अनुपालन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन करेगी. समिति सरकार को हर तीन माह पर रिपोर्ट देगी.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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