विधि व्यवस्था के मद्देनजर सीएम का पुलिस अधीक्षकों के साथ अहम बैठक

सीएम का पुलिस अधीक्षकों के साथ अहम बैठक

झारखण्ड : सीएम का पुलिस अधीक्षकों के साथ अहम समीक्षा बैठक. लॉ एंड ऑर्डर, उग्रवाद व अपराध नियंत्रण समेत विधि व्यवस्था की समीक्षा. सीएम के कई निर्णायक निर्देश 

रांची : आगामी त्योहारों के सीजन से पहले मुख्यमंत्री द्वारा वरीय पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ अहम समीक्षा बैठक 22 सितंबर को हुई. बैठक में राज्य में कानून व विधि व्यवस्था सुदृढीकरण पर चर्चा हुई. विशेषकर उग्रवाद एवं अपराधिक घटनाओं पर लगाम कसते हुए राज्य में भयमुक्त वातावरण प्रदान करने पर जोर दिया गया.  

लॉ एंड ऑर्डर व अपराध नियंत्रण समेत विधि व्यवस्था की हुई समीक्षा 

मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि राज्य के विकास के लिए बेहतर पुलिसिंग बेहद जरूरी है. राज्य के जिलों में लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने में पुलिस अधीक्षकों की अहम भूमिका होती है. उन्हें विभिन्न चुनौतियों से निपटने हेतु सतर्कता सेजिम्मेदारी निभानी होती है. पीड़ितों को जल्द इंसाफ दिलाने की पहल करने की आवश्यकता है. जिससे वर्दी के प्रति लोगों में व्याप्त विश्वास को और मजबूती मिले.

अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस को कहीं कठोरता से कार्रवाई करना होता हैं. तो महिला और पारिवारिक मामलों में संजीदगी और संवेदना के साथ जिम्मेदारियों को निभाना होता है. दोनों ही परिस्थितियों में पुलिस का निर्णय सामाजिक तौर पर मायने रखती है. ऐसे में पुलिस के द्वारा ऐसे कदम उठाए जाए जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए. 

पुलिस अधीक्षकों को राज्य में अपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने हेतु कई अहम निर्देश दिए गए. अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया. राज्य में अपराधिक घटनाओं की समीक्षा के क्रम में हत्या, लूट, डकैती, फिरौती, गृह उद्भेदन, दुष्कर्म समेत कई मामलों की जिलावार विस्तृत जानकारी ली गई और ये निर्णायक निर्देश दिए. 

उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस का सहयोगात्मक भूमिका अहम  

बूढ़ा पहाड़, पारसनाथ, सारंडा समेत अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की उपस्थिति में शिविर लगाकर ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया गया. इसके साथ इन क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. जिससे पुलिस के प्रति लोगों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उग्रवादी घटनाओं को जनता की मदद से नियंत्रित की जा सकेगी. 

नक्सल क्षेत्र में ग्रामीणों व युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में घटनाओं को रोकने हेतु ग्रामीणों व युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया. ग्रामीण इलाकों में तैनात सुरक्षाबलों की जरूरत के सामान स्थानीयों से खरीदने का निर्देश दिया गया. ताकि उन्हें रोजगार मिले और उनकी आय के साधन खुले. साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, पूल-पुलिया की जरूरत की मैपिंग करा सरकार को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया. जिससे नक्सल के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े. 

पुलिस अधीक्षकों को सभी जेलों में 1 महीने में जैमर लगाने के निर्देश 

जेलों में बंद अपराधियों द्वारा मोबाइल या अन्य माध्यमों से अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की शिकायत लगातार मिल रही है. इसपर हर हाल में रोक लगाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया. इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों को राज्य के सभी जेलों में एक माह के भीतर जैमर स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर लेने को कहा गया.

अपराध के नए चेहरे आ रहे हैं सामने  

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर में अपराध के कई चेहरे सामने हैं. तरह-तरह के अपराधिक मामले सामने आयें हैं. राज्य में साइबर अपराध और महिला उत्पीड़न जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. इससे निपटने के लिए राज्य पुलिस को ठोस रणनीति के साथ काम करना होगा. भुक्तभोगी को जल्द से जल्द इंसाफ मिले, इस दिशा में पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है. 

आगामी त्योहारों में पुलिस विधि-व्यवस्था की तैयारियों की ली गई जानकारी

राज्य में कुछ ही दिनों में फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो रही है. राज्य में इस बार बड़े पैमाने पर दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है. जिसमें भारी संख्या में भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे में दिसंबर तक पूरे राज्य को हाई एलर्ट पर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए गए. राज्य में शांति और सद्भाव बना रहे, इसके लिए पुलिस को सभी जरूरी और ठोस कदम उठाने को कहा गया. 

राज्य में छोटी घटनाएं तूल न पकड़े और बड़े वर्ग को प्रभावित न करे 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी छोटी-छोटी घटनाएं तूल पकड़ लेती हैं. अफवाह अथवा अन्य वजहों से ऐसी घटनाएं तेजी से फैलती है और बड़े वर्ग को प्रभावित करती है. ऐसी घटनाएं तूल न पकड़े, इसका ध्यान रखें. ऐसे मामलों का समाधान पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ करने का निर्देश दिया गया ताकि ऐसे मामलों को निचली स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके.

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश – 

  • वारंटो का तामिला त्वरित गति से करें. 
  • विभिन्न मामलों में चार्जशीट दाखिल करणी की गति तेज हो. 
  • कांडों के अनुसंधान में तेजी लाई जाए. 
  • छोटे-छोटे केसों में कई लोग लंबे समय से जेल में बंद हैं. ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्दी निष्पादन किया जाए.
  • शहरों और हाईवे पर पेट्रोलिंग में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाए. 
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस सूचना तंत्रों के साथ संपर्क को बेहतर बनाएं. 
  • थानों की व्यवस्था को दुरुस्त करें और मामलों का निष्पादन जल्द हो. 
  • वर्दी के प्रति लोगों की विश्वसनीयता बढ़े, इसे ध्यान में रखकर पुलिस अपनी कार्रवाई करें.
  • शक्ति एप्प का प्रचार प्रसार करें, ताकि महिलाएं शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सके. 
  • स्कूल कॉलेजों के आसपास मनचलों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चले.

आपराधिक मामलों में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई 

  • मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर इस वर्ष अब तक 353 केस दर्ज किए गए हैं और 489 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.
  • शराब के अवैध कारोबार को लेकर दर्ज किए गए 386 मामलों में 350 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.  
  • इस वर्ष 2628 एकड़ खेत से गांजा की अवैध फसल को नष्ट किया गया है. इसमें 41 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है जिसमे 13 की गिरफ्तारी हुई है. 
  • इस वर्ष साइबर अपराध के कुल 617 केस दर्ज किए गए हैं. जिनमें 417 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है. वहीं, कई पीड़ितों को 72 लाख रुपया की वापसी कराई गई है.
  • इस वर्ष बालू के अवैध कारोबार को लेकर 903 छापेमारी की गई है. जिसमें 725 केस दर्ज किए गए हैं और 430 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. इसके अलावा 15 सौ से ज्यादा वाहन जब्त किए गए हैं. 
  • पत्थर के अवैध कारोबार को लेकर इस वर्ष 260 छापेमारी की गई है और 164 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जबकि, 322 वाहन जब्त किए गए हैं.
संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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