गबन के सूत्रधार है पूर्व की रघुबर सरकार ED को अब दिख रहा जुड़ते तार

साहेबगंज : पत्थर खदान का लीज़ पूर्व की डबल इंजन सरकार में, विभूति कुमार साहेबगंज का ज़िला खान पदाधिकारी के कार्यकाल में मिली थी, कड़ियाँ जुड़ रही हैं. ऐसे में रघुवर काल का मामला ईडी हेमन्त काल में क्यों सवाल रही है? – गंभीर सवाल 

साहेबगंज : झारखण्ड में ईडी अवैध खदानों की जांच को लेकर तत्परता दिखा रही है. साहिबगंज में ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है. ईडी की टीम खदान का निरीक्षण कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खदान में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं बरती गई है. ईडी खदान के चारों ओर निरीक्षण कर रही है और सेटेलाइट मैप के जरिए भी जांच कर रही है. लेकिन, पूरे मामले की तार फिर से एक बार भाजपा के पूर्व की डबल इंजन अर्थात रघुवर सरकार से जा जुडी है. 

क्योंकि साहेबगंज में पत्थर खदान का लीज़ पूर्व की डबल इंजन सरकार में, विभूति कुमार साहेबगंज का ज़िला खान पदाधिकारी के कार्यकाल में मिली थी. साफ़ तौर पर कड़ियाँ जुड़ रही हैं. ऐसे में गंभीर सवाल है कि यदि मामला भाजपा के रघुवर काल का है तो ईडी हेमन्त सरकार काल में क्यों सक्रीय है? क्या यह तमाम प्रक्रिया किसी सुनियोजित प्लान का हिस्सा तो नहीं है? प्रतीत तो ऐसा ही हो रहा है.

पूर्व मंत्री व वर्तमान में निर्दलीय विधायक सरयू राय का ट्विट

इस मामले में पर्व के भाजपा सरकार में मंत्री रहे व वर्तमान में निर्दलीय विधायक सरयू राय के द्वारा भी ट्विट किया गया है. वह अपने ट्विट में सपष्ट लिखते हैं कि “कृष्णा साहा बंगाल के नवद्वीप का है, तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा है. झारखण्ड की डबल इंजन सरकार से इसके घनिष्ठ संबंध थे. तत्कालीन सरकार के मुख्य परिवार के युवा से इसने पतना, साहेबगंज, बोरियो में हज़ारों कंबल 2017-19 में बँटवाया, अख़बारों ने छापा है. अभिजीत दास बेनामी पार्टनर प्रतीत होता है.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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