झारखण्ड : केंद्र सरकार की अनदेखी के वजह से पेंशन से वंचित हो रहे राज्यवासी

झारखण्ड : केंद्र द्वारा पेंशन मद में राशि आवंटित नहीं किये जाने के कारण लाखों पेंशनधारियों को दो माह से पेंशन न मिलन दर्शाता है कि केंद्र महंगाई में गरीब बेसहारा जनता की समस्याओं से दूर खड़ी है.

रांची : झारखण्ड राज्य मे तकरीबन 12 लाख से अधिक पेंशनधारियों को दो माह से पेंशन नहीं मिलने का मामला सामने आया है. ज्ञात हो, राज्यवासियों को यह परेशानी केंद्र सरकार अनदेखी की वजह से हुई है. झारखण्ड को केंद्र से इस मद में अप्रैल माह से अब तक आवंटन प्राप्त नहीं हो सका है. जबकि आवंटन जल्द प्राप्त हो, इस सन्दर्भ में विभाग द्वारा हर स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है. लेकिन इस समस्या में केंद्र का गंभीर न होना, गरीब जनता को लेकर उसके मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.

राज्य सरकार द्वारा रिवाल्विंग फंड से जिले को अप्रैल माह का पेंशन हुआ है भुगतान

राज्य में दो मद से पेंशन की पात्रता रखने वाले लाभुकों को पेंशन का भुगतान किया जाता है. झारखंड में केंद्र प्रायोजित पेंशन योजना के लाभुकों की संख्या 12,78,000 है. राज्य प्रायोजित पेंशन से आच्छादित लाभुकों की संख्या 16 लाख के करीब है. आवंटन राशि मिलने में विलंब की स्थिति में भुगतान हो सके, इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा रिवाल्विंग फंड भी बनाया गया है. जिसके तहत 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. विभाग के अनुसार पाकुड़ और खूंटी जिला को छोड़ कर शेष जिले को अप्रैल माह का पेंशन भुगतान हुआ है.

ज्ञात हो, झारखंड में राज्य व केंद्र दोनों को मिला कर पेंशनधारियों की संख्या 28.70 लाख है. इस मद में प्रत्येक माह भुगतान के लिए 128 करोड़ की जरूरत होती है. ऐसे में पेशन मद में केंद्र सरकार द्वारा समय पर राशि आवंटित न होना, उसकी नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े है. क्या केंद्र को इस महंगाई में गरीब बेसहारा जनता की समस्याओं से दूर खड़ी है?

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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