राज्य वासी की सुरक्षा को प्रतिबद्ध हेमन्त शासन- सिक्किम में ही बच्चों का हो रहा समुचित ईलाज

हेमन्त शासन : सिक्किम बस हादसा में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा सिक्किम के मुख्यमंत्री तमांग गोलेय से बात कर बच्चों के समुचित ईलाज की व्यवस्था की गई है. मौसम अनुकूल होते ही उन्हें जल्द झारखण्ड ले जाएगा.

रांची : झारखण्ड शासन के मौजूदा परिदृश्य में हेमन्त सोरेन की छवि एक संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप उभरा है. जो निश्चित रूप हेमन्त सरकार की शासन पद्धति को परिभाषित कर सकता है. ज्ञात हो, जब भी समस्याओं के बीच जनता द्वारा हेमन्त सोरेन को बतौर मुख्यमंत्री पुकारा गया है, चाहे वह कोरोना महामारी के काल ही क्यों न हो, उन्होंने जनता की पुकार को न केवल सुनी है, हल करने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ बढ़ते दिखे है. जो उन्हें पूर्व के सभी मुख्यमंत्री से अलग खड़ा करता है. सिक्किम बस हादसा में सरकार की संवेदनशीलता तथ्य स्पष्ट उदाहरण उदाहरण भर है.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को जानकारी मिली है कि संत जेवियर कॉलेज राँची के बच्चों को शैक्षिक भ्रमण पर बस सेवा से गंगटोक ले जाया जा रहा था. युक्त बस गंगटोक के नजदीक, रानी पुल के पास हादसे का शिकार हो गयी है. मामले में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने तत्काल सिक्किम के मुख्यमंत्री तमांग गोलेय, @PSTamangGolay से बात की और उनसे सहायता की आग्रह किये. बच्चों के समुचित ईलाज की व्यवस्था की जा रही है.

साथ ही, मुख्यमंत्री झारखण्ड द्वारा बच्चों को एयर लिफ्ट करने को भी तैयार रहने के लिए RC को कहा गया है. ज्ञात हो, मौसम खराब होने के कारण बच्चों का फिलहाल एयर लिफ्ट नहीं हो पा रहा है. मसलन, सिक्किम में ही बच्चों समुचित ईलाज की व्यवस्था करवायी गयी है और मौसम अनुकूल होते ही राज्य के बच्चों को झारखण्ड लाया जा सकेगा. तमाम परिदृश्य को देखते हुए कहा जा सकता है हेमन्त सरकार राज्य वासियों की सुरक्षा को प्रतिबद्ध है.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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