झारखण्ड : वंचित-उपेक्षित वर्गों के सपनों को मुकाम तक पहुंचाने में मजबूत कड़ी बनी हेमन्त सरकार 

मौजूदा हेमन्त सरकार की ठोस रणनीति झारखण्ड के इतिहास में पहली बार भाजपा आइडियोलॉजी के विपरीत, वंचित-शोषित-उपेक्षित, तमाम बहुजन-गरीब वर्ग के बच्चों की उच्च शिक्षा के सपनों को सम्मान पूर्वक मुकाम तक पहुंचाने को प्रतिबद्ध दिखी है.

रांची : दिसंबर 2020,  हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड के मौजूदा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया. जिसके अक्स में झारखण्ड में पहली बार भाजपा के रुढ़िवादी आइडियोलॉजी आधारित राजनीति के विपरीत जनता को एक नए आधुनिक झारखण्ड की तस्वीर दिखी है. पहली बार हेमन्त सोरेन की विचारधारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन समेत राज्य के अन्य महान महापुरुषों की विचारधारा को समर्पित दिखी है. जिसकी लकीरें न केवल राज्य के सभी मूल वर्गों को छूती दिखती है बल्कि आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, वंचित व गरीब के कल्याण को प्राथमिकता मिली  है.

संक्रमण के दौर में दश भर में हेमन्त सरकार की तस्वीर एक सचे झारखंडी-भारतीय बेटे के रूप में उभरी. जिसके अक्स में स्पष्ट दिखा कि एक झारखंडी भारतीय मुसीबत के दौर में अपना फायदा नहीं तलाशता, बल्कि मुसीबत से मुकाबला करते हुए भाई-बहनों को संरक्षण देता है. लेकिन, उस दौर ने राज्य की प्राथमिकता को जरुर प्रभावित किया. कोरोना त्रासदी काल के थमते ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने झारखण्ड के इतिहास में पहली बार वह कारामा कर दिखाया जिसकी बाट संविधान की लकीरे लागू काल से और बहुजन वर्ग हजार सालों से जोह रहा था. झारखण्ड सरकार ने अनुसुचित जातियों के बच्चों को निःशुल्क विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने का अवसर दिया. 

वादा निभाते हुए मुख्यमंत्री ने महज एक वर्ष में ही तमाम बहुजन-गरीब वर्ग के बच्चों को विदेशों में निःशुल्क उच्च शिक्षा ग्रहण  करने का रास्ता खोले

मुख्यमंत्री द्वारा मरड गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना लागू हुई. सरकार अनुसुचित जनजाति के 7 बच्चों को चयनित पाठ्यक्रम में उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान कर विदेश भेज, अपनी ठोस रणनीति का परिचय दिया. झारखण्ड के मजबूत भविष्य के मद्देनजर वादा निभाते हुए मुख्यमंत्री ने महज एक वर्ष में योजना का विस्तार कर, अनुसूचित जनजाति के अतिरिक्त अनुसूचित जाति, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक, तमाम बहुजन वर्ग के कुल 25 प्रतिभाशाली बच्चों को 31 विषयों में, विदेशों में निःशुल्क उच्च शिक्षा ग्रहण करने का रास्ता खोल दिया है. 

ज्ञात हो, ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा शेवनिंग मरड गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई. इस संबंध में राज्य सरकार, विदेश राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ब्रिटिश उच्चायोग, नई दिल्ली के साथ जल्द MoU किया जाएगा.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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