ईस्टर्न जोनल काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष झारखण्ड ने रखा अपना का पक्ष

झारखण्ड : वित्त विभाग के प्रधान एवं गृह विभाग के अपर सचिव द्वारा ईस्टर्न जोनल काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष रखा गया झारखण्ड सरकार का पक्ष. कोयला कंपनियों के बकाया भुगतान पर दिया गया जोर.

रांची. झारखण्ड में एक तरफ कोयला कंपनियां 32,734 करोड़ रुपये बकाया व 53064.25 एकड़ गैरमजरूआ भूमि पर नियंत्रण का सच लिए है. तो दूसरी तरफ झारखण्ड में गरीबी, कुपोषण व विस्थापान का दर्द वास्तविकता के साथ भी खड़ा है. यह दावा कॉमन कॉज मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी किया गया हो. और कोर्ट के नोटिस के बावजूद, राज्य सरकार कई आग्रह के बाद भी कोयला कंपनियां झारखण्ड को बकाया नहीं चुकाने का सच लिए हुए हो. तो झारखण्ड जैसे राज्य के विकास के मद्देनज़र मामला गंभीर माना जा सकता है.

ज्ञात हो, झारखण्ड के मुख्यमंत्री द्वारा इस सम्बन्ध में केंद्रीय कोयला मंत्री से खनन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याओं को भी सामने रखा चुके हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कोल परियोजना के संचालन में आने वाली तकनीकी समस्याएं रखी. साथ ही सीएम द्वारा खनन क्षेत्र में ज़मीन अधिग्रहण, रैयत मुआवजा, विस्थापितों के पुनर्वास की समस्या ज्यों की त्यों रहने का सच भी उभारा. केंद्रीय कोयला मंत्री द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन तो दिया गया हो लेकिन अबतक धरातल पर कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखे. तो राज्य के प्रति केन्द्रीय मंशा समझी जा सकती है.

ईस्टर्न जोनल काउंसिल के 12हवें स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में वित्त विभाग प्रधान एवं गृह विभाग के अपर सचिव द्वारा रखा गया झारखण्ड सरकार का पक्ष  

कोयला कंपनियां पर बकाया के सम्बन्ध में वित्त विभाग प्रधान सचिव एवं गृह विभाग के अपर सचिव द्वारा ईस्टर्न जोनल काउंसिल के 12हवें स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में झारखण्ड के दर्द को रखा गया. ईस्टर्न जोनल काउंसिल से अनुरोध किया गया कि सीसीएल, बीसीसीएल, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा झारखण्ड की जमीन पर माइनिंग का कार्य कई वर्षों से हो रहा है, परंतु उनके द्वारा झारखण्ड सरकार को विगत वर्षों का रेंट और सलामी नहीं दिया जा रहा है. अत: बकाया राशि को झारखण्ड सरकार जल्द अदा किया जाए. 

मयूराक्षी डैम के पानी का संयुक्त नियंत्रण झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल को दिए जाने तथा झारखण्ड को अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया. साथ ही मयूराक्षी डैम के पानी के नियंत्रण के संबंध में गठित ज्वाइंट कंट्रोल मेकैनिज्म में झारखण्ड को सम्मिलित करने का भी अनुरोध किया गया. बैठक में पेंशन से संबंधित मामलों का समाधान गृह विभाग, भारत सरकार के सहयोग से करने का निर्णय लिया गया. वहीं बिहार स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तहत संपत्ति एवं दायित्व को द्विपक्षीय रूप से हल करने करने पर जोर दिया.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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