झारखण्ड पुलिस : पहली बार झारखण्ड में क्राइम इंवेस्टिगेशन, प्रॉसिक्यूशन यूनिट, एंटी टेररिस्ट थाना, दंगा रोकने एवं महिला डेस्क के गठन पर लिया गया है ठोस निर्णय

झारखण्ड : राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर झारखण्ड पुलिस व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गंभीर. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर उठाये जा रहे हैं कई जरुरी कदम. क्राइम इंवेस्टिगेशन, प्रॉसिक्यूशन यूनिट, टेररिस्ट, दंगा रोक-थाम व महिला सुरक्षा पर जोर…

राँची : झारखण्ड राज्य के विकास के मद्देनजर, हेमन्त सरकार में एक तरफ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर काम हो रहा है. तो दूसरी तरफ ही राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए झारखण्ड पुलिस व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण-आधुनिकीकरण पर भी नए सिरे से काम किया जा रहा है. ज्ञात हो, मुख्यमंत्री द्वारा गृह, कारा एंव आपदा प्रबंधन विभाग के आला अधिकारियों संग परामर्श कर झारखण्ड पुलिस व्यवस्था से संबंधित मजबूतीकारन, आधुनिकीकरण जैसे आयामों पर जरुरी निर्णय लिया जा रहा हैं. जिसके परिणाम आने वाले समय में जनता को दिखने लगेंगे.

पूर्व की सरकारों में झारखण्ड पुलिस क आधुनिकीकरण, पुलिसकर्मियों की जरुरी सुविधा मुहैया के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च तो किये हुए, लेकिन नतीजा ढाक के तींन पात ही रहा. लेकिन, झारखण्ड के मौजूदा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में कुछ माह में ही झारखण्ड पुलिस व्यवस्था सुदृढ़ीकारन के दिशा में कई ठोस निर्णय लिये गये हैं. इसमें ‘क्राइम इंवेस्टिगेशन एंड प्रॉसिक्यूशन यूनिट’, ‘एंटी टैरिरिस्ट थाना’ गठन, दंगा रोकथाम में रायट कंट्रोल प्लान बनाने, साइबर थानों में दर्ज केस की हर हफ्ते मॉनिटरिंग करने, चिन्हित 300 महिला थाना में हेल्प डेस्क गठित करने जैसे निर्णय प्रमुखता से शामिल हैं. 

अपराधों के अनुसंधान को फोकस करने के लिए बनेगा ‘क्राइम इंवेस्टिगेशन एंड प्रॉसिक्यूशन यूनिट’

राज्य में पहली बार अपराधिक घटनाओं के अनुसंधान और दोषी पाए जाने वाले आरोपियों को सजा दिलाने के लिए क्राइम इंवेस्टिगेशन एंड प्रॉसिक्यूशन यूनिट (सीआइपीयू) नामक एक स्पेशल यूनिट का गठन किया गया है. इसके तहत जिला और राज्य स्तर पर पुलिस अफसरों की तैनाती की जाएगी. सभी थानों में सीआईपीयू का कामकाज देखने के लिए अफसरों की प्रतिनियुक्ति की होगी. अनुसंधान पदाधिकारी कांड के अनुसंधान को फोकस करेंगे. वहीं, प्रत्येक थाना के नोडल पदाधिकारी का जिम्मा होगा कि वह ससमय गवाही पूरी कराएंगे. 

आतंकवाद निरोधी दस्ता में होगा संगठित अपराध कोषांग का गठन 

राज्य में पहली बार आतंकवाद निरोधी दस्ता में एक संगठित अपराध कोषांग का गठन किया जाएगा. वहीं, आतंकवाद निरोधी दस्ता के राज्य स्तरीय थाना को झारखण्ड में संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस के आला अधिकारियों को अतिरिक्त शक्तियां प्रदान की जाएगी. बीते दिनों मुख्यमंत्री के निर्देश पर कैबिनेट में लाये इस प्रस्ताव पर सहमति दी गयी है. आतंकवाद निरोधी दस्ता का मूल उत्तरदायित्व आतंकवाद की प्रत्येक गतिविधि से राज्य को मुक्त रखना होगा. इसमें संलिप्त आतंकवादियों, उनके सहयोगियों पर विधि-सम्मत कार्रवाई करना तथा देश की अन्य एजेंसियों को भी आतंकवाद की रोकथाम के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है.

दंगा नियंत्रण के लिए हर जिले में तैयार हो रहा रायट कंट्रोल प्लान

राज्य में दंगा नियंत्रण के लिए हर जिले में रायट कंट्रोल प्लान तैयार किया जा रहा है. इस दिशा में सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया गया है. राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि वे सभी जिलों में आंतरिक सुरक्षा योजना को अपडेट करें, ताकि आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए सिरे से रायट कंट्रोल प्लान बनाया जा सके. इससे संबंधित रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है. 

सीआईडी और साइबर थानों में दर्ज कांड के अनुसंधान की हर सप्ताह होगी मॉनिटरिंग 

सीएम के निर्देश के बाद अब सीआईडी और साइबर थानों में दर्ज कांड के अनुसंधान की प्रत्येक सप्ताह मॉनिटरिंग होगी. सीआईडी और साइबर क्राइम थानों में पदस्थापित सभी डीएसपी, इंस्पेक्टर और सहायक अनुसंधान पदाधिकारी प्रत्येक शुक्रवार की दोपहर तक जांच संबंधी रिपोर्ट जमा करेंगे. ऐसा नहीं करने पर उन्हें सीआईडी के एडीजी को लिखित तौर पर कारण बताना होगा. इस संबंध में एडीजी द्वारा एक आदेश जारी कर दिया है. 

3.24 करोड़ रुपये खर्च से 300 थानों में खुलेगा महिला हेल्प डेस्क

झारखंड के चिन्हित 300 थानों में महिला हेल्प डेस्क खोलने का फैसला लिया गया है. इन महिला डेस्क के  बेहतर संचालन ने के लिए झारखंड सीआईडी की टीम निर्भया फंड से 300 स्कूटी की खरीदारी करेगी. सीआईडी ने झारखण्ड में महिला हेल्प डेस्क को सुचारु रूप से चलाने के लिए 300 स्कूटी की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है. स्कूटी की खरीद पर तकरीबन 3.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

संपादकीय: यह विश्लेषण स्वतंत्र तथ्यों पर आधारित है।

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